गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल विरोध: खजनी तहसील पर जनता और नेताओं का प्रदर्शन, स्थानीयों ने जताई नाराजगी

गोरखपुर में भगवानपुर–आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के विरोध में इंडिया गठबंधन ने खजनी तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने टोल माफ करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा और आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी दी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 19 January 2026, 7:13 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर जनपद में भगवानपुर से आजमगढ़ तक निर्मित लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के विरोध में सोमवार को खजनी तहसील परिसर राजनीतिक हलचल का केंद्र बन गया। इंडिया गठबंधन के बैनर तले बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टोल टैक्स को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की।

स्थानीय किसानों और नागरिकों की नाराजगी

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने सरकारी विकास योजनाओं पर विश्वास जताते हुए अपनी उपजाऊ जमीनें बैनामे के जरिए सरकार को दी थीं। इसके बावजूद अब उसी सड़क पर चलने के लिए नियमित रूप से टोल वसूला जा रहा है। उनका कहना था कि यह दोहरी मार है पहले जमीन गई और अब रोज़मर्रा की आवाजाही पर आर्थिक बोझ लगाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के लिए राहत की मांग

नेताओं ने विशेष रूप से मांग की कि कम से कम 20 किलोमीटर के दायरे में स्थानीय निवासियों को टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्त किया जाए, जैसा कि अन्य कई एक्सप्रेसवे और राजमार्ग परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को राहत देने के प्रावधान हैं। इस प्रस्ताव के पीछे यह तर्क है कि स्थानीय लोग अपने दैनिक कार्यों और व्यवसाय के लिए इस मार्ग का बार-बार उपयोग करते हैं।

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टोल से जुड़ी दैनिक समस्याएं

प्रदर्शनकारियों ने मोटरसाइकिल चालकों, निजी चार पहिया वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली, अधिवक्ताओं, नौकरीपेशा लोगों और किसानों की समस्याओं को उठाया। बताया गया कि स्थानीय लोगों को समय की बचत के लिए दिन में कई बार इसी एक्सप्रेसवे से आना-जाना पड़ता है। बच्चों की शिक्षा, किसानों की खेती-बाड़ी, खरीदारी और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यह मार्ग अनिवार्य बन चुका है।

ज्ञापन सौंपकर जताई मांग

नारेबाजी और सभा के बाद इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन तैयार कर एसडीएम खजनी को सौंपा। ज्ञापन में टोल नीति को जनविरोधी बताते हुए जनपद स्तर पर स्थानीय नागरिकों का टोल टैक्स माफ करने की मांग की गई। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को सड़क से सदन तक और व्यापक रूप दिया जाएगा।

नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी

इस दौरान नेता जयराम यादव, कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, गठबंधन के वरिष्ठ नेता खरभान यादव, चन्द्र मणि यादव, ध्रुव नारायण योगेंद्र यादव, राणा यादव, रणजीत यादव, छोटेलाल यादव, राहुल सहित दर्जनों कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह संघर्ष स्थानीय जनता के हक और सम्मान की लड़ाई है, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।

आंदोलन का भविष्य और जनता की उम्मीदें

आंदोलनकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है बल्कि स्थानीय जनता की आवाज़ को सुनाने का माध्यम है। यदि सरकार ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है। यह संघर्ष स्थानीय जनता के अधिकार, सम्मान और रोजमर्रा की जिंदगी की समस्याओं से जुड़ा हुआ है।

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स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक प्रभाव

स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल वसूली के कारण दैनिक खर्चों में वृद्धि हुई है और कई लोग सड़क का नियमित उपयोग करने में असमर्थ हैं। किसानों के लिए यह विशेष रूप से गंभीर मुद्दा है क्योंकि उनकी कृषि गतिविधियों और उपज की बिक्री प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, छोटे व्यवसाय और नौकरीपेशा लोग भी आर्थिक बोझ का सामना कर रहे हैं।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 19 January 2026, 7:13 PM IST