
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांगा समाधान (Img: AI Generated Image)
Gorakhpur: गोरखपुर के खजनी तहसील में न्यायिक व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। तहसीलदार न्यायालय के बहिष्कार को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य जल्द शुरू कराने और लंबित मामलों के निस्तारण की मांग उठाई। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अब मामले में समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि खजनी तहसीलदार न्यायालय में 22 जनवरी 2026 से न्यायिक कार्य प्रभावित चल रहा है। अधिवक्ताओं और तहसीलदार के बीच मुकदमों के निस्तारण को लेकर विवाद के बाद बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य से दूरी बना ली थी। इस स्थिति के कारण तहसील न्यायालय में आने वाले वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई मामले लंबित होते जा रहे थे और लोगों को अपने काम के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा था।
शुक्रवार को बार एसोसिएशन खजनी के अध्यक्ष सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी दीपक मीणा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार न्यायालय में चल रही स्थिति को लेकर मांगपत्र सौंपा।अधिवक्ताओं ने मांग की कि तहसीलदार खजनी का स्थानांतरण किया जाए और न्यायिक व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे विवाद का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें मुकदमों के निस्तारण के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
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जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार न्यायिक के लंबित मुकदमों को अन्य सक्षम न्यायालय में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। डीएम ने बताया कि जिले में तहसीलदारों की कमी है, लेकिन शासन स्तर पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है। नए अधिकारियों की तैनाती के बाद खजनी तहसील की समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
बैठक के बाद अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त जिलाधिकारी (प्रशासन) से भी मिला और अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। एडीएम ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन और शासन स्तर पर समन्वय बनाकर जल्द उचित समाधान कराया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होंगे।
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प्रतिनिधिमंडल में सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, मंत्री अनुज आस्थाना, संयुक्त मंत्री (प्रकाशन) आशुतोष दुबे, तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री चन्द्रमौलि कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर चन्द्र सिंह, संयुक्त मंत्री (प्रकाशन) अजय कुमार सिंह, अनूप सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि अगर शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
Location : Gorakhpur
Published : 31 July 2026, 7:12 PM IST