गोरखपुर के खजनी इलाके में कथित तौर पर आंखों के ऑपरेशन के बाद कई मरीजों की आंखों की रोशनी पर असर पड़ने का मामला तूल पकड़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार से जवाब मांगा है। हेल्थ डिपार्टमेंट ने तीन प्राइवेट अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर का इंस्पेक्शन किया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Img: Google)
Gorakhpur: मुख्यमंत्री के जनपद गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। खजनी क्षेत्र के सिकरीगंज में कथित रूप से हुए नेत्र ऑपरेशन के बाद दर्जनों लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की खबर से हड़कंप मच गया है।
यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस घटना को लेकर जनाक्रोश बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर के निर्देश पर गुरुबार 19 फरवरी 2026 को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजनी डॉ. प्रदीप लिपाठी द्वारा खजनी क्षेत्र के तीन निजी चिकित्सालयों के ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया गया।
मुख्यनगरी गोरखपुर में लोगों की आँखों की रोशनी छिन रही है, और कोई चैन से बैठकर गाल बजा रहा है।
मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर आते हैं तो क्या और कोई भी देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गाँठ के चले जाते हैं। इस बार जनता इन्हें गोरखपुर भी हराएगी और बताएगी कि चिराग़ तले…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 18, 2026
निरीक्षण के दायरे में सीबीसी मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर, खजनी; नयनसी हॉस्पिटल, कटघर खजनी और आदर्श क्लिनिक, खजनी शामिल रहे। जांच के दौरान पाया गया कि आदर्श क्लिनिक में किसी प्रकार का नेत्र ऑपरेशन नहीं किया जाता है। वहीं सीबीसी मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर और नयनसी हॉस्पिटल में ऑपरेशन थिएटर में एक ऑपरेशन टेबल और शैडो लाइट कार्यशील अवस्था में मिली। एनेस्थीसिया ट्रॉली उपलब्ध पाई गई और ओटी टेक्नीशियन ऑन कॉल उपलब्ध बताया गया।
आंखों में इनफेक्शन से मचा हड़कंप
मोतियाबिंद कैंप बना त्रासदी: 9 मरीजों की निकालनी पड़ी आंख, कई की रोशनी गई; अस्पताल सील
इसके अतिरिक्त पोस्ट ऑपरेशन कक्ष और मेडिकल टीम के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था भी मौजूद मिली। ऑपरेशन उपकरण स्टेरलाइज और उपयोग योग्य पाए गए। हालांकि सर्जरी रजिस्टर का समुचित रखरखाव नहीं मिला, जिस पर संबंधित संचालकों को तत्काल सही तरीके से मेंटेन करने के निर्देश दिए गए।
Crime News: दुकान से ले जाकर खूनी वारदात; अस्पताल पहुंचते ही तोड़ा दम, जानें क्या है पूरा मामला
निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन कक्ष के बाहर गंदगी भी पाई गई, जिस पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन एवं संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को संतोषजनक बताया गया।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जनहित में यह निरीक्षण मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि लापरवाही की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।