गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में आत्महत्या के दुष्प्रेरण और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। महिला की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में जांच के बाद आरोपी की भूमिका सामने आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई।

आत्महत्या के दुष्प्रेरण मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार
Gorakhpur: गोरखपुर में क्राइम रोकने के लिए चलाए जा रहे खास कैंपेन के तहत गुलरिहा थाने को बड़ी कामयाबी मिली है। गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में सुसाइड के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े एक गंभीर केस में एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, पुलिस सुपरिटेंडेंट के गाइडेंस, सर्कल ऑफिसर गोरखनाथ के सुपरविजन और स्टेशन हाउस ऑफिसर इत्यानंद पांडे की लीडरशिप में बनी टीम ने आरोपी अनिरुद्ध सिंह, बेटे स्वर्गीय रामाश्रय सिंह, निवासी अर्जुनडीहा, गौरीबाजार पुलिस स्टेशन, देवरिया जिले को FIR नंबर 141/2026 के तहत गिरफ्तार किया।
आरोपी के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 108/351(3), 61(2) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7/4 के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, 22 फरवरी 2026 को एक महिला ने गुलरिहा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पति को लगातार परेशान किया जा रहा था। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे, जिससे उसे बहुत मानसिक परेशानी हो रही थी।
लगातार परेशान करने और दबाव बनाने की वजह से उसके पति ने सुसाइड कर लिया। मामले की सेंसिटिविटी को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले सबूतों और बयानों के आधार पर अनिरुद्ध सिंह की संलिप्तता साबित हुई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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गुलरिहा थाने ने कहा कि पूरी जांच चल रही है और अगर कोई और शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि परेशान करने, धमकी देने या गैर-कानूनी दबाव बनाने जैसी घटनाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मुस्तैदी से लोगों का भरोसा बढ़ा है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में स्टेशन हाउस ऑफिसर इत्यानंद पांडे और कांस्टेबल संजीव कुमार खास तौर पर शामिल थे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक परेशानी हो रही है तो तुरंत पुलिस को बताएं, ताकि समय पर सही कार्रवाई की जा सके।