गोरखपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) एस. चनप्पा ने शुक्रवार को पुलिस लाइन और पुलिस कार्यालय का वार्षिक मुआयना कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं के कार्यों, अभिलेखों के रख-रखाव और जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया का जायजा…पढिए पूरी खबर

Gorakhpur: गोरखपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) एस. चनप्पा ने शुक्रवार को पुलिस लाइन और पुलिस कार्यालय का वार्षिक मुआयना कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं के कार्यों, अभिलेखों के रख-रखाव और जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
क्या है पूरी खबर?
डीआईजी सबसे पहले पुलिस कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने वीआईपी सेल, डिस्पैच शाखा, टेलीफोन ऑपरेटर कक्ष, आंकिक कार्यालय, सीआरके शाखा और शिकायत प्रकोष्ठ सहित कई विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित पटल प्रभारियों से उनके कार्यों, लंबित मामलों और अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी शाखाओं में अभिलेखों का रख-रखाव सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए और लंबित मामलों का निस्तारण समयबद्ध रूप से किया जाए।
ऑनलाइन प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण
निरीक्षण के क्रम में डीआईजी ने आईजीआरएस सेल और बड़ी पेशी शाखा का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से ऑनलाइन प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिया कि जन शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
जनसुनवाई कक्ष का भी निरीक्षण
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दौरान डीआईजी ने जनसुनवाई कक्ष का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद कुछ फरियादियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। डीआईजी ने कहा कि पुलिस कार्यालय में आने वाले हर व्यक्ति के साथ शालीन व्यवहार किया जाए और उसकी समस्या को गंभीरता से सुना जाए, जिससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हो।
इसके बाद डीआईजी ने पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने शस्त्रागार का जायजा लेते हुए हथियारों के रख-रखाव, सुरक्षा व्यवस्था और अभिलेखों की जांच की तथा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्टोर रूम और ऑर्डर रूम का निरीक्षण कर वहां की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
डीआईजी ने पुलिस लाइन की घुड़सवार शाखा का भी निरीक्षण किया और वहां घोड़ों के रख-रखाव व प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके अलावा पुलिस लाइन में स्थित आवासीय भवनों का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल तथा सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस. सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने डीआईजी को विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण के अंत में डीआईजी ने कहा कि इस प्रकार के वार्षिक मुआयने से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा होती है और आवश्यक सुधार लागू करने में मदद मिलती है, जिससे पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।