
व्यापारी बनकर किया था संपर्क (Source: Dynamite News)
Gorakhpur: ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई एक महिला को राजघाट पुलिस की साइबर सेल टीम ने राहत दिलाई है। साइबर ठग ने प्लास्टिक उत्पाद व्यापारी बनकर पीड़िता से संपर्क किया और बातचीत के दौरान एक संदिग्ध लिंक भेजा। लिंक पर कार्रवाई करते ही उसके खाते से यूपीआई के जरिए 7,800 रुपये निकल गए। शिकायत के बाद पुलिस ने बैंक से समन्वय कर पूरी रकम वापस करा दी।
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर 2025 को साइबर ठग ने प्लास्टिक उत्पाद व्यापारी बनकर पीड़िता से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान उसने विश्वास में लेकर एक लिंक भेजा। पीड़िता ने जैसे ही लिंक पर कार्रवाई की, उसके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से 7,800 रुपये की धनराशि निकल गई।
कुछ समय बाद पीड़िता को खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई। इसके बाद उसने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर अपराध की शिकायत जल्द दर्ज कराना रकम को ट्रेस और होल्ड कराने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकता है। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत की सुविधा उपलब्ध है।
शिकायत मिलने के बाद राजघाट पुलिस की साइबर सेल टीम ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने संबंधित बैंक से संपर्क स्थापित किया और ठगी गई रकम को वापस कराने के लिए लगातार पैरवी की।
पुलिस के अनुसार, बैंकिंग प्रक्रिया और MRM पोर्टल के माध्यम से कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। लगातार प्रयास के बाद पीड़िता के खाते में ठगी गई 7,800 रुपये की पूरी रकम वापस करा दी गई। इससे पीड़िता को बड़ी राहत मिली।
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पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर बिना जांच के क्लिक न करें। ऑनलाइन खरीदारी, बैंकिंग या यूपीआई भुगतान के दौरान किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई लिंक खोलने या भुगतान संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।
ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर पीड़ित को तुरंत बैंक को सूचना देने के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। साइबर अपराध की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए 1930 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई थानाध्यक्ष राजघाट गौरव वर्मा के नेतृत्व में हुई। टीम में साइबर नोडल अधिकारी उपनिरीक्षक वैभव विश्वकर्मा, महिला उपनिरीक्षक निशी श्रीवास्तव और कांस्टेबल अरविंद कुमार शामिल रहे। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर और पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में की गई।
Location : Gorakhpur
Published : 28 September 2026, 8:12 AM IST