Gorakhpur Court का पॉक्सो केस में बड़ा फैसला; अभियुक्त सिप्पू कोइरी को 10 वर्ष कारावास

जनपद में लंबित गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए संचालित “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब 2014 में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपित सिप्पू कोइरी को अदालत ने दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 29 November 2025, 2:51 AM IST

Gorakhpur: गोरखपुर जनपद में लंबित गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए संचालित “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब 2014 में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपित सिप्पू कोइरी को अदालत ने दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 21,000 रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई।

यह मामला वर्ष 2014 में थाना पिपराईच क्षेत्र में पंजीकृत हुआ था। अभियुक्त सिप्पू कोइरी पुत्र राजेंद्र, निवासी नइयापार खुर्द थाना पिपराईच, पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज कर विशेष न्यायालय में विचाराधीन किया गया।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राज करन नय्यर के निर्देशन में थाने के पैरोकार, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की सतत पैरवी ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगातार की गई प्रभावी निगरानी और कानूनी रणनीति के परिणामस्वरूप, माननीय ASJ/पॉक्सो-2 न्यायालय गोरखपुर ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा का आदेश पारित किया।

अदालत द्वारा माना गया कि अभियुक्त का अपराध न केवल कानून की दृष्टि से गंभीर है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गहरा आघात पहुंचाने वाला है। नाबालिग पीड़िता के साथ घिनौना कृत्य करने वाले अभियुक्त को कठोर कारावास देकर न्यायालय ने यह संदेश दिया है कि ऐसे अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

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पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित “ऑपरेशन कनविक्शन” का उद्देश्य गंभीर अपराधों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में गोरखपुर पुलिस द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग, केस डायरी का समय से संधारण और गवाहों के उत्पादन जैसे कदमों ने इस फैसले को मुकम्मल करने में अहम भूमिका निभाई।

फैसले में विशेष रूप से श्री राममिलन सिंह, स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) के अमूल्य योगदान की सराहना की गई, जिनकी प्रभावी पैरवी ने अभियुक्त को सजा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। गोरखपुर पुलिस ने इस निर्णय को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है तथा कहा है कि भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

यह फैसला जनपद में न्याय की स्थापना और गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 29 November 2025, 2:51 AM IST