अपहरण कांड में गोरखपुर कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को सुनाई 20 साल की कैद; जानें कैसे दिया था वारदात को अंजाम

गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में दर्ज अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला ऑपरेशन कनविक्शन की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 3 February 2026, 7:58 PM IST

Gorakhpur: नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए गोरखपुर से एक सख्त और साफ संदेश सामने आया है। अपराध चाहे कितना भी पुराना हो या आरोपी कितना भी शातिर, कानून की पकड़ से बच पाना अब मुश्किल होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत गोरखपुर में अपहरण के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाकर यह साफ कर दिया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

2023 में दर्ज हुआ था अपहरण का मामला

यह मामला थाना शाहपुर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वर्ष 2023 में नाबालिग के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में मु0अ0सं0 909/2023 के तहत अभियुक्त विक्की निषाद उर्फ गोलू पुत्र घुरे निषाद के खिलाफ धारा 363 भारतीय दंड संहिता और धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामला सामने आते ही पुलिस ने इसकी गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई शुरू की।

साक्ष्य और विवेचना ने मजबूत किया केस

पुलिस ने पीड़ित पक्ष के बयान, तकनीकी साक्ष्य और अन्य अहम तथ्यों को जुटाकर मजबूत विवेचना की। इसके बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राज करन नय्यर के निर्देशन में थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल द्वारा इस केस की लगातार निगरानी की गई, जिससे अभियोजन पक्ष की स्थिति अदालत में मजबूत बनी रही।

पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो प्रथम न्यायालय गोरखपुर में हुई। सभी साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने अभियुक्त विक्की निषाद को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 27,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि नाबालिगों के खिलाफ किए गए अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है।

अभियोजन पक्ष की अहम भूमिका

इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से ADGC राघवेन्द्र राम और ADGC अरविन्द श्रीवास्तव की सशक्त और प्रभावी पैरवी को अहम माना गया। उनकी ठोस दलीलों और तथ्यों के दम पर दोषसिद्धि संभव हो सकी।

पुलिस का सख्त रुख

गोरखपुर पुलिस ने कहा है कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत जघन्य अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 3 February 2026, 7:58 PM IST