ऑटो-ई-रिक्शा से सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर, गोरखपुर पुलिस ने उठाया बड़ा कदम

गोरखपुर रेलवे स्टेशन या रोडवेज पर ऑटो-ई-रिक्शा में बैठने से पहले अब जरा ठहरिए! यात्रियों की सुरक्षा और शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए कैंट पुलिस ने ऐसा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत चालकों का सत्यापन किया जा रहा है। आखिर पुलिस की इस नई पहल से यात्रियों को क्या फायदा होगा।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 12 October 2026, 1:09 AM IST

Gorakhpur: रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के साथ ऑटो और ई-रिक्शा से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कैंट पुलिस ने नई पहल शुरू की है। अभियान के तहत स्टेशन परिसर और आसपास संचालित ऑटो व ई-रिक्शा के चालकों का सत्यापन कराया जा रहा है।

सत्यापन के बाद प्रत्येक वाहन पर अलग-अलग यूनिक कोड अंकित किया जा रहा है। इससे वाहन की पहचान आसान होगी और किसी यात्री का सामान छूटने अथवा किसी शिकायत की स्थिति में संबंधित वाहन और चालक तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलेगी।

रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए स्टेशन के आसपास बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा संचालित होते हैं।

यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित

सफर के दौरान कई बार यात्रियों का बैग, मोबाइल, जरूरी दस्तावेज या अन्य सामान वाहन में छूट जाता है। वाहन की पहचान स्पष्ट नहीं होने पर सामान वापस दिलाने में दिक्कत आती है। ऐसे में यूनिक नंबरिंग व्यवस्था यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

प्रभारी निरीक्षक कैंट जितेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी रवि प्रकाश कुँवर द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे पुलिस चौकी पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का विवरण दर्ज करने के बाद उनके वाहनों पर पहचान संख्या अंकित की जा रही है।

प्रत्येक वाहन को अलग कोड

अभियान के तहत वाहनों पर R-01, R-02 जैसे कोड दिए जा रहे हैं। इसमें ‘R’ रेलवे क्षेत्र से संबंधित पहचान को दर्शाता है। प्रत्येक वाहन को अलग कोड मिलने से जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा।

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पुलिस की जांच में अहम कड़ी

पुलिस के अनुसार, यदि कोई यात्री वाहन में अपना सामान भूल जाता है और उसे वाहन का यूनिक कोड याद रहता है, तो संबंधित ऑटो या ई-रिक्शा की पहचान कर चालक तक पहुंचने में आसानी होगी। इसी तरह किसी विवाद, शिकायत या आपराधिक गतिविधि की स्थिति में भी वाहन की पहचान पुलिस की जांच में अहम कड़ी बन सकती है।

अभियान में केवल वाहनों की नंबरिंग ही नहीं, बल्कि चालकों का सत्यापन भी किया जा रहा है। चालकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से संबंधित विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। इससे वाहन और चालक का रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध रहेगा।

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कैंट पुलिस की इस पहल से स्टेशन क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने, वाहनों की पहचान सुनिश्चित करने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।

Location :  Gorakhpur

Published :  12 October 2026, 1:05 AM IST