गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में नहर से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच बताई जा रही है, लेकिन पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

नहर में शव मिलने से मचा हड़कंप
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर 1 के चित्रकूट टोला के पास नहर में एक अनजान आदमी की लाश तैरती हुई मिली। सुबह की सैर पर निकले गांववालों ने नहर किनारे लाश देखी और तुरंत पुलिस को खबर दी। कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से नहर से लाश निकाली। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में मृतक की उम्र 35 से 40 साल के बीच होने का अनुमान है।
शव पर साधारण कपड़े मिले, लेकिन कोई पहचान पत्र या कोई और खास निशान नहीं मिला। इससे पुलिस के लिए लाश की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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बता दें कि खबर लिखे जाने तक, मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस आस-पास के गांवों में पूछताछ कर रही है और हाल ही में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान कर रही है। अधिकारियों ने लोकल पुलिस स्टेशनों को भी अलर्ट कर दिया है ताकि अगर इलाके से किसी लापता व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हो, तो उसे इस मामले से जोड़ा जा सके।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के परिवार का कोई सदस्य पिछले कुछ दिनों से लापता है, तो वे तुरंत पास के पुलिस स्टेशन में संपर्क करें और उन्हें सूचित करें।
घटनास्थल की अच्छी तरह से जांच की गई है और सबूत इकट्ठा किए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में मौत का कारण साफ नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला हादसा था, आत्महत्या थी या आपराधिक साजिश थी। फिलहाल, हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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इस घटना के बाद जंगल डुमरी और आसपास के गांवों में डर और असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर के किनारे पर्याप्त सुरक्षा की कमी है। कई गांववालों ने आरोप लगाया कि वहां कोई बैरिकेड या सही मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है। गांववालों का कहना है कि लोग अक्सर नहर पर आते-जाते हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू करे।