Gorakhpur: हत्या के प्रयास के 23 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला, तीन दोषियों को 7-7 साल की सजा

23 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। वर्ष 2003 में दर्ज इस मामले में लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत गोरखपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई। अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सभी को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 9 October 2026, 1:03 AM IST

Gorakhpur: अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी से वर्ष 2003 में बड़हलगंज थाने में दर्ज हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं के मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। लंबे समय से लंबित इस मामले में फैसला आने के बाद पुलिस की पैरवी व्यवस्था को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में पुराने आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी और मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इसी क्रम में बड़हलगंज थाने के पैरोकार तथा मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस की ओर से न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तथ्यों को मजबूती से रखा गया।

मामला मु0अ0सं0-224/2003 से संबंधित है। बड़हलगंज थाने में दर्ज इस मुकदमे में आरोपियों के खिलाफ धारा 307/34, 326/34, 325, 323/34, 504 और 506 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जनपद गोरखपुर के न्यायालय में हुई।

दोषी अभियुक्त

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने राजू पुत्र रामवृक्ष, देवनारायण पुत्र स्वर्गीय अभिराज तथा रामसागर पुत्र रामवृक्ष, निवासीगण नेवाइजपार, थाना बड़हलगंज, गोरखपुर को अपराध का दोषी पाया।

तीनों अभियुक्तों को हुई सजा

इसके बाद अदालत ने तीनों अभियुक्तों को 07-07 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 16,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

प्रभावी पैरवी दोषियों को सजा दिलाने में सहायक

पुलिस विभाग ने बताया कि इस दोषसिद्धि में डीजीसी प्रियानन्द सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस का कहना है कि गंभीर और पुराने मामलों में प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुलिस की ओर से लंबित मुकदमों की निगरानी कर अभियोजन पक्ष को मजबूत किया जा रहा है, ताकि अपराधियों को उनके कृत्य की सजा मिल सके और कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो।

Location :  Gorakhpur

Published :  9 October 2026, 1:01 AM IST