महंगाई ने तोड़ी मजदूरों की कमर! मजदूर चौक पर छलका श्रमिकों का दर्द

देश की अर्थव्यवस्था और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच गोरखपुर के लेबर चौक से एक अलग तस्वीर सामने आ रही है। यहां रोज़गार की उम्मीद में खड़े मजदूर बढ़ती महंगाई और घटती मजदूरी के दोहरे संकट से जूझ रहे हैं। डायनामाइट न्यूज़ की टीम ने मजदूरों से मंहगाई पर उनकी परेशानी समझी।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 3 June 2026, 2:48 PM IST

Gorakhpur: जनपद के रुस्तमपुर स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद चौराहा, जिसे स्थानीय लोग “लेबर चौक” के नाम से भी जानते हैं, पर आज मजदूरों की समस्याएं खुलकर सामने आईं। डायनामाइट न्यूज़ की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां खड़े दैनिक मजदूरों और श्रमिकों से बातचीत में उनकी परेशानियां और आर्थिक संकट साफ तौर पर देखने को मिला।

मजदूरों ने बताया कि बढ़ती महंगाई ने उनके जीवन को बेहद कठिन बना दिया है। रोज़गार की अनिश्चितता के बीच वे हर दिन चौक पर काम की उम्मीद में खड़े रहते हैं, लेकिन अधिकांश को काम नहीं मिल पाता। जो लोग काम पर लगते भी हैं, उन्हें निर्धारित मजदूरी से काफी कम पैसे दिए जाते हैं। मजदूरों के अनुसार जहां एक दिन की मजदूरी लगभग 700 से 750 रुपये होनी चाहिए, वहीं उन्हें केवल 400 से 500 रुपये ही दिए जाते हैं।

गोरखपुर में मंदिर चोरी का खुलासा : दान पेटी में हाथ डालकर क्या ले गया था आरोपी? पूरा सच चौंकाने वाला

मजदूरों ने बतायी आपबीती

मजदूरों ने यह भी कहा कि मजबूरी में उन्हें कम पैसों पर काम करना पड़ता है क्योंकि घर चलाना, बच्चों की पढ़ाई और रोज़मर्रा का खर्च पूरा करना बेहद मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि अगर वे काम पर नहीं जाएंगे तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा और बच्चों की पढ़ाई कैसे जारी रहेगी।

इसके अलावा मजदूरों ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि एलपीजी गैस सिलेंडर, बिजली बिल, पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उनके जीवन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इन सब कारणों से उनका जीवन और भी कठिन होता जा रहा है।

मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पास राशन कार्ड होने के बावजूद समय पर राशन उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ जाती हैं।

गोरखपुर में ट्यूशन जा रहीं छात्राओं से छेड़खानी के बाद क्या हुआ? एक गिरफ्तारी से खुला पूरा मामला

मजदूरों ने की सरकार से अपील

अंत में सभी मजदूरों ने सरकार से अपील की कि उनकी स्थिति पर ध्यान दिया जाए, न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि की जाए और नियमित रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सकें।

Location :  Gorakhpur

Published :  3 June 2026, 2:46 PM IST