गोरखपुर: 7.50 करोड़ से बदलेगी खजनी कंबल कारखाने की तस्वीर, जानें पूरी खबर

खुटभार में संचालित ऐतिहासिक कंबल उत्पादन कारखाने के कायाकल्प का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस कारखाने के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखकर इसे नई जिंदगी देने का संकेत…पढिए पूरी खबर

Updated : 11 February 2026, 7:14 PM IST

गोरखपुर: खजनी के खुटभार में संचालित ऐतिहासिक कंबल उत्पादन कारखाने के कायाकल्प का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस कारखाने के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखकर इसे नई जिंदगी देने का संकेत दे दिया है। बजट में प्रावधान होने के बाद क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और दशकों पुराना यह उद्योग अब निजी क्षेत्र के ब्रांडेड कंबलों से प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी में है।

क्या है पूरी खबर?

खजनी का यह कंबल कारखाना वर्ष 1985-86 में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की देखरेख में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के प्रयासों से स्थापित हुआ था। उस समय इसकी लागत लगभग 25 लाख रुपये थी। शुरुआती वर्षों में उत्पादन सुचारु रूप से चला, लेकिन आपूर्ति और संसाधनों के अभाव में करीब पांच वर्ष बाद कारखाना बंद हो गया। इससे क्षेत्र के बुनकरों और कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा था।

फिनिशिंग, प्रिंटिंग और पैकिंग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में वर्ष 2019-20 में इस कारखाने को पुनः संचालित किया गया। वर्तमान में यहां कंबल की बुनाई का कार्य होता है, जबकि प्रिंटिंग के लिए तैयार माल मिर्जापुर भेजा जाता है। आधुनिकीकरण के बाद बुनाई से लेकर फिनिशिंग, प्रिंटिंग और पैकिंग तक की पूरी प्रक्रिया खजनी स्थित इसी कारखाने में होगी। इससे उत्पादन लागत घटेगी और गुणवत्ता में सुधार आएगा।

पैकिंग मशीन जैसी आधुनिक तकनीक

प्रस्तावित परियोजना के तहत वाशिंग मशीन, ऑटोमैटिक कलर मशीन, हाइड्रोजन मशीन, मिलिंग मशीन, प्रिंटिंग मशीन, ड्रायर और पैकिंग मशीन जैसी आधुनिक तकनीक स्थापित की जाएगी। लक्ष्य है कि यहां तैयार कंबल निजी क्षेत्र के प्रतिस्पर्धी और विश्वस्तरीय उत्पादों की श्रेणी में शामिल हों। हाल ही में उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के ज्वाइंट सीईओ सिद्धार्थ यादव ने कारखाने का निरीक्षण किया। इस दौरान सह निदेशक पी.एन. सिंह और प्रोडक्शन इंचार्ज अजित कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

अधिकारियों द्वारा निरीक्षण

अधिकारियों ने आधुनिकीकरण की दिशा में तैयार की जा रही डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) की प्रगति की समीक्षा की। हालांकि अभी डीपीआर अंतिम रूप में उपलब्ध नहीं है, लेकिन शासन से धन स्वीकृत होने की उम्मीद जताई जा रही है। गीडा अधिकारियों द्वारा भी निरीक्षण किया गया है।

 कारखाने में दस कर्मी कार्यरत

प्रोडक्शन इंचार्ज अजित कुमार श्रीवास्तव के अनुसार वर्तमान में कारखाने में दस कर्मी कार्यरत हैं, जिनमें पांच बुनकर और पांच सहायक शामिल हैं। इसके अलावा तीन नियमित और कुछ आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी जुड़े हैं। एक बुनकर प्रतिदिन चार से पांच कंबल तैयार करता है, जिससे रोजाना लगभग 20 से 25 कच्चे कंबल बनते हैं।

सह निदेशक पी.एन. सिंह ने बताया कि अस्सी के दशक में स्थापित यह कारखाना बीच में बंद हो गया था, लेकिन 2021-22 में इसे फिर से शुरू किया गया। अब बजट में प्रस्तावित धनराशि मिलने के बाद इसे पूरी तरह आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी है।

यदि योजना समय पर धरातल पर उतरी, तो खजनी का यह कंबल कारखाना न केवल स्थानीय रोजगार को मजबूती देगा, बल्कि गोरखपुर की औद्योगिक पहचान को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगी । ख़जनी कस्बे के तमाम ब्यापार मंडल अध्यक्ष रामबृक्ष बर्मा ,गब्बू मद्देशिया ,रामजी बर्मा , राजकुमार गुप्ता , अनिल पांडेय सहित ब्यापारी स्थानीय निवासी खुशी जाहिर किया ,सरकार के को धन्यबाद दिया ।

 

 

Location : 
  • गोरखपुर

Published : 
  • 11 February 2026, 7:14 PM IST