रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, भारतीय रेलवे को मिलने जा रही बड़ी उपलब्धि

‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को सिद्ध करते हुए रायबरेली स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (MCF) एक नया इतिहास रचने की दहलीज पर है। संस्थान अगले सप्ताह अपनी पहली वंदे भारत ट्रेन रैक राष्ट्र को समर्पित करने जा रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 February 2026, 7:50 PM IST

Raebareli: 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को सिद्ध करते हुए रायबरेली स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (MCF) एक नया इतिहास रचने की दहलीज पर है। संस्थान अगले सप्ताह अपनी पहली वंदे भारत ट्रेन रैक राष्ट्र को समर्पित करने जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल कारखाने के लिए, बल्कि भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

​पहियों के लिए खत्म हुई विदेशी निर्भरता

​संस्थान ने फोर्जड व्हील (Forged Wheels) के उत्पादन में भी आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने बताया कि दो साल से भी कम समय पहले टेकओवर करने के बाद, आरेडिका ने पहियों के लिए विदेशों पर अपनी निर्भरता पूरी तरह समाप्त कर दी है। अब कारखाना अपनी मांग स्वयं पूरी कर रहा है।

​लक्ष्य: 'वेटिंग लिस्ट' मुक्त भारत

​रेलवे की सबसे बड़ी चुनौती यानी 'वेटिंग लिस्ट' को खत्म करने के लिए आरेडिका ने कमर कस ली है। महाप्रबंधक के अनुसार:
​उत्पादन में वृद्धि: पिछले वित्तीय वर्ष में 2,025 डिब्बों का निर्माण किया गया था। इस चालू वर्ष में उत्पादन को 3,000 डिब्बों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिक डिब्बों के निर्माण से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, जिससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।

पर्यावरण और प्रगति का संगम

​संस्थान में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान, जहाँ देश और प्रदेश की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं, वहां आरेडिका की प्रगति पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर जीएम प्रशांत कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि संस्थान केवल उत्पादन के रिकॉर्ड ही नहीं तोड़ रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित कर रहा है

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आरेडिका के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि हमारा कारखाना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। अगले सप्ताह हम देश को पहली वंदे भारत ट्रेन की रैक समर्पित करने जा रहे हैं, जो उत्तर भारत में निर्मित पहली वंदे भारत होगी। यह 16 कोच वाली चेयर कार कॉन्फ़िगरेशन वाली ट्रेन होगी, जिसमें करीब 1,128 यात्रियों की क्षमता होगी।

हम फोर्ज्ड व्हील प्लांट के मामले में पहले ही पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुके हैं। महज दो वर्ष से भी कम समय में टेकओवर के बाद हमने विदेशी निर्भरता पूरी तरह समाप्त कर ली है और अब अपनी आवश्यकता स्वयं पूरी कर रहे हैं।

पिछले वित्तीय वर्ष में हमने 2025 डिब्बे निर्मित किए, जो हमारा अब तक का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड था। इस वर्ष हमारा लक्ष्य 3000 डिब्बों तक पहुंचना है। हम लगातार उत्पादन बढ़ा रहे हैं ताकि देश में टिकटों की वेटिंग लिस्ट खत्म हो सके। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा आधुनिक कोचों का उत्पादन आवश्यक है और आरेडिका इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्यरत है।

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हम न केवल उत्पादन के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नवीनतम मानकों को अपनाते हुए कई नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। इसी दौरान संस्थान की प्रगति पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन हुआ।आरेडिका निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और भारतीय रेलवे को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Location : 
  • Raebareli

Published : 
  • 9 February 2026, 7:50 PM IST