Muzaffarnagar News: मोदी की अपील के बाद सर्राफा बाजार के लोग बोले-डर में और बढ़ेगी खरीदारी

प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील पर मुज़फ्फरनगर के सर्राफा बाजार में डर का माहैल है। सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि घरेलू सोने पर रोक संभव नहीं है और इससे लाखों कारीगर प्रभावित होंगे। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे बयानों से बाजार में भ्रम और कालाबाजारी की स्थिति पैदा हो सकती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 May 2026, 6:05 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना न खरीदने की अपील के बाद सर्राफा बाजार में लोग सहमे से दिखे।इस मुद्दे पर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने  कहा कि भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक जीवन का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि यदि यह अपील केवल विदेश से आने वाले सोने को रोकने के संदर्भ में है तो इसे समझा जा सकता है, क्योंकि इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। लेकिन घरेलू सोने की खरीद पर रोक लगाना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। पवन वर्मा ने कहा कि भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक जीवन का हिस्सा है, जहां लोग शादी, उपहार और बचत के रूप में सोना खरीदते हैं।

लाखों कारीगरों पर पड़ सकता है असर

सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि इस व्यापार से लाखों कारीगर, शिल्पकार और व्यापारी जुड़े हुए हैं। यदि घरेलू सोने की खरीद पर असर पड़ता है तो इसका सीधा प्रभाव इन लोगों की आजीविका पर पड़ेगा।

स्मार्ट मीटर और महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतरी BMP… लालटेन लेकर किया जोरदार प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सोना और चांदी का महत्वपूर्ण योगदान है। लोग इसे लंबे समय तक निवेश के रूप में रखते हैं और समय के साथ इसका रिटर्न भी अच्छा मिलता है। पवन वर्मा ने कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अपील किस संदर्भ में की गई है, लेकिन इसे लेकर बाजार में भ्रम की स्थिति बन रही है।

डर में लोग और ज्यादा खरीदेंगे - व्यापारियों की चिंता

पवन वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे बयानों से बाजार में डर और भ्रम पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को लगेगा कि सोना सीमित हो सकता है तो वे अधिक खरीदारी करने लगेंगे, जिससे बाजार में असंतुलन की स्थिति बन सकती है।

उन्होंने आशंका जताई कि इससे कालाबाजारी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बयान देने से पहले संबंधित व्यापारिक संगठनों से सलाह लेना जरूरी है।

सड़क चौड़ीकरण के नाम पर खेतों में खुदाई, महराजगंज में सड़क निर्माण को लेकर भड़के किसान

पवन वर्मा (जिलाध्यक्ष, सर्राफा एसोसिएशन मुज़फ्फरनगर) ने कहा, "यह स्पष्ट नहीं है कि अपील घरेलू सोने पर है या विदेश से आने वाले सोने पर। घरेलू सोने को रोकना संभव नहीं है, क्योंकि यह हमारी परंपरा और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ा है।" फिलहाल बाजार में इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और व्यापारी सरकार की आगे की स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  12 May 2026, 6:05 PM IST