Deoria News: मजदूरों और गन्ना किसानों के करोड़ों रुपये बकाया, कब होगा भुगतान?

देवरिया की गौरीबाजार चीनी मिल के मजदूरों और किसानों के बकाया भुगतान की मांग तेज हो गई है। मांगपत्र के अनुसार, मजदूरों के 14.73 करोड़ रुपये से अधिक और किसानों के करीब 1.62 करोड़ रुपये लंबित हैं। पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा ने भुगतान में देरी पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 26 October 2026, 1:54 PM IST
google-preferred

Deoria: देवरिया के गौरीबाजार स्थित बंद चीनी मिल के मजदूरों और किसानों के बकाया भुगतान का मामला एक बार फिर चर्चा में है। समाजवादी मजदूर सभा और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मजदूरों के 14.73 करोड़ रुपये से अधिक और किसानों के करीब 1.62 करोड़ रुपये का भुगतान कराने की मांग उठाई है। पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते बकाया भुगतान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन तेज किया जा सकता है। वर्षों से अपने पैसे का इंतजार कर रहे मजदूरों और किसानों को आखिर कब राहत मिलेगी?

मजदूरों के 14.73 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा

गौरीबाजार चीनी मिल के बकाया भुगतान को लेकर समाजवादी मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष ऋषिकेश यादव के नेतृत्व में आवाज उठाई गई। संगठन की ओर से मांगपत्र देकर प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और मजदूरों व किसानों को उनकी बकाया राशि दिलाने की मांग की गई है।

मांगपत्र के अनुसार, मजदूरों का कुल 14 करोड़ 73 लाख 3 हजार 876 रुपये 22 पैसे बकाया है। वहीं, किसानों का करीब एक करोड़ 62 लाख रुपये भुगतान लंबित बताया गया है। संगठन का दावा है कि इस मामले से लगभग 750 मजदूर प्रभावित हैं। इनमें 185 स्थायी कर्मचारी हैं, जबकि बाकी सीजनल मजदूर बताए गए हैं। इसके अलावा हजारों किसानों के भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया है।

वर्ष 2015-16 से भुगतान के लिए संघर्ष

पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा ने कहा कि मजदूरों और किसानों को बकाया राशि दिलाने के लिए वर्ष 2015-16 से संघर्ष किया जा रहा है। इस मामले को लेकर न्यायालय से लेकर संबंधित विभागों तक प्रयास किए गए हैं। इसके बावजूद भुगतान का मुद्दा अब तक बना हुआ है।

उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए बकाया भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि संबंधित आदेशों का पालन नहीं हुआ, तो न्यायालय की अवमानना की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, अवमानना से जुड़ी स्थिति के संबंध में संबंधित न्यायालय के आदेशों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही पुष्टि की जानी चाहिए।

वसूली प्रमाण-पत्रों को लेकर उठाए सवाल

मांगपत्र में आरोप लगाया गया है कि मजदूरों के पक्ष में जारी वसूली प्रमाण-पत्रों को प्रशासनिक स्तर पर वापस किए जाने से भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। संगठन ने मांग की है कि संबंधित न्यायालयों के आदेशों का पालन कराया जाए और वसूली प्रमाण-पत्रों को दोबारा प्रभावी बनाकर बकाया राशि दिलाने की कार्रवाई की जाए।

साथ ही, संगठन ने पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है।

Latest News

पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा और सपा नेता (Source: Dynamite News)

बंद चीनी मिल की जमीन पर उद्योग लगाने की मांग

मजदूरों और किसानों के भुगतान के अलावा बंद चीनी मिल की जमीन और संपत्ति का मुद्दा भी उठाया गया है। मांगपत्र में मिल की जमीन की बिक्री, मशीनरी हटाए जाने और मजदूरों के आवास नष्ट किए जाने के मामलों की जांच कराने की मांग की गई है।

संगठन का कहना है कि चीनी मिल की जमीन पर नया उद्योग स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

गौरीबाजार चीनी मिल के मजदूरों और किसानों के बकाया भुगतान का मामला लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया कब आगे बढ़ेगी और संबंधित मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाएगा।

फिलहाल समाजवादी मजदूर सभा और सपा नेताओं ने भुगतान की मांग तेज कर दी है। पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा की आंदोलन की चेतावनी के बाद अब इस मामले में शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

Location :  Deoria

Published :  26 October 2026, 1:54 PM IST

Related News

Advertisement