कानपुर में गंगा का रौद्र रूप! चेतावनी स्तर से बस कुछ सेंटीमीटर दूर पानी, तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब यह चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। रविवार सुबह कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.960 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 114 मीटर है। बैराज से 3.32 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी डिस्चार्ज हो रहा है। प्रशासन तटीय इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 6 September 2026, 5:14 PM IST

Kanpur: गंगा नदी का पानी अब धीरे-धीरे उस निशान की तरफ बढ़ रहा है, जहां से प्रशासन की चिंता और बढ़ सकती है। कानपुर में गंगा का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है और रविवार सुबह दर्ज आंकड़ों में यह चेतावनी स्तर से महज कुछ सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में पानी का स्तर 113.960 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां गंगा का चेतावनी स्तर 114 मीटर निर्धारित है। यानी जलस्तर चेतावनी के निशान से सिर्फ 0.040 मीटर यानी करीब 4 सेंटीमीटर नीचे है।

चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंचा गंगा का पानी

रविवार सुबह 8 बजे दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में गंगा का जलस्तर 113.960 मीटर रहा। कानपुर बैराज पर चेतावनी स्तर 114 मीटर है। इस लिहाज से गंगा का पानी अब चेतावनी के निशान से सिर्फ कुछ सेंटीमीटर नीचे है। वहीं बैराज के डाउनस्ट्रीम में गंगा का जलस्तर 113.710 मीटर दर्ज किया गया। दोनों तरफ जलस्तर में अंतर बना हुआ है, लेकिन अपस्ट्रीम में बढ़ता पानी प्रशासन के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।

बैराज से 3.32 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज

कानपुर बैराज से इस समय 3 लाख 32 हजार 598 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी हो गई है। गंगा के जलस्तर पर सिर्फ कानपुर में हो रही बारिश या स्थानीय परिस्थितियों का असर नहीं पड़ता। ऊपर के बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का भी नदी के जलस्तर पर सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि प्रशासन हरिद्वार और नरौरा बैराज से छोड़े जा रहे पानी के आंकड़ों पर भी लगातार नजर रख रहा है।

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हरिद्वार और नरौरा से भी छोड़ा जा रहा पानी

जानकारी के मुताबिक हरिद्वार बैराज से 1 लाख 21 हजार 147 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। वहीं नरौरा बैराज से 96 हजार 219 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इन बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा को देखते हुए कानपुर में गंगा के जलस्तर पर आगे भी नजर बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन लगातार यह देखने में जुटा है कि ऊपर से आने वाले पानी का कानपुर में नदी के स्तर पर कितना असर पड़ता है।

115 मीटर पहुंचा पानी तो खतरे का स्तर

कानपुर बैराज पर गंगा का चेतावनी स्तर 114 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का स्तर 115 मीटर है। फिलहाल पानी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन अपस्ट्रीम में जलस्तर चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है। ऐसे में अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो प्रशासन को निचले और तटीय इलाकों में निगरानी और बढ़ानी पड़ सकती है। खासकर नदी के आसपास बसे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

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निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत

गंगा के बढ़ते पानी को देखते हुए नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ नियंत्रण विभाग नदी के जलस्तर और बैराजों से आने वाले पानी के आंकड़ों को मॉनिटर कर रहा है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों को भी सक्रिय किया जा सकता है।

बढ़ते पानी ने बढ़ाई चिंता

फिलहाल कानपुर में गंगा का पानी खतरे के निशान यानी 115 मीटर तक नहीं पहुंचा है। लेकिन अपस्ट्रीम का जलस्तर 113.960 मीटर दर्ज होना और चेतावनी स्तर 114 मीटर के बेहद करीब पहुंच जाना प्रशासन के लिए सतर्क रहने की वजह जरूर है। अब सबसे ज्यादा नजर आने वाले घंटों में जलस्तर के बदलाव और हरिद्वार व नरौरा बैराज से छोड़े जा रहे पानी पर रहेगी। अगर ऊपर से पानी का दबाव बढ़ता है तो कानपुर में गंगा के जलस्तर पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

Location :  Kanpur

Published :  6 September 2026, 5:14 PM IST