कानपुर में उफनाई गंगा, चेतावनी बिंदु पार; 3 हजार बीघा फसल डूबी, गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण बिठूर के प्रमुख घाटों पर पानी भर गया है। ब्रह्मावर्त घाट, लक्ष्मण घाट, पत्थर घाट और सीता घाट की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। ख्योरा कटरी के कई गांवों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। भगवानदीन पुरवा, भोपाल पुरवा, बनिया पुरवा, दुर्गापुरवा, गिल्ली पुरवा, मक्का पुरवा समेत कई इलाकों के खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 9 September 2026, 1:12 PM IST

कानपुर: गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कानपुर के कटरी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को गंगा का पानी चेतावनी बिंदु 114 मीटर को पार कर बैराज पर 114.20 मीटर तक पहुंच गया। वहीं शुक्लागंज की ओर जलस्तर चेतावनी स्तर से महज 9 सेंटीमीटर नीचे 112.91 मीटर दर्ज किया गया है।

घाटों की सीढ़ियां डूबीं, गांवों तक पहुंचा पानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण बिठूर के प्रमुख घाटों पर पानी भर गया है। ब्रह्मावर्त घाट, लक्ष्मण घाट, पत्थर घाट और सीता घाट की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं।

ख्योरा कटरी के कई गांवों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। भगवानदीन पुरवा, भोपाल पुरवा, बनिया पुरवा, दुर्गापुरवा, गिल्ली पुरवा, मक्का पुरवा समेत कई इलाकों के खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है।

संपर्क मार्ग पर भरा तीन फीट पानी

गंगा के उफान के चलते भोपालपुरवा से भगवानदीन पुरवा जाने वाले संपर्क मार्ग पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। पानी अब गांवों के मुहाने तक पहुंचने लगा है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, नावें लगाईं

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। राहत शिविरों को सक्रिय कर दिया गया है और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था की गई है।

एसडीएम सदर अभिनव सिंह और नायब तहसीलदार सृजन कुमार ने ग्राम प्रधान दिनेश निषाद के साथ ट्रैक्टर से भगवानदीन पुरवा पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा है कि अगर पानी आबादी क्षेत्र में पहुंचता है तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें।

सब्जी की हजारों बीघा फसल बर्बाद

गंगा के बढ़ते पानी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। कटरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होने वाली सब्जी की खेती बाढ़ की चपेट में आ गई है।

गिल्ली पुरवा के किसान शंभूदयाल निषाद की सात बीघा में लगी बैंगन, लोबिया, तरोई, कुंदरू और लौकी की फसल डूब गई। वहीं सूरज निषाद की पांच बीघा तिली की फसल भी पानी में समा गई।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं गंगा के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।

Location :  Kanpur

Published :  9 September 2026, 1:12 PM IST