फर्जी दस्तावेजों से लोन लेने वाले गिरोह का खुलासा

यूपी एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों से मुद्रा लोन लेने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एसटीएफ ने गिरोह के सदस्य और यूबीआई के ब्रांच मैनेजर नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 11 April 2026, 6:11 PM IST

Lucknow: यूपी एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों से मुद्रा लोन लेने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एसटीएफ ने गिरोह के सदस्य और यूबीआई के ब्रांच मैनेजर नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नितिन चौधरी पुत्र नरेन्द्र देव चौधरी निवासी ग्राम बागबहार, थाना-पवई, तहसील-फूलपुर जनपद-आजमगढ़ के रूप में हुई है। एसटीएफ ने आरोपी से एक मोबाइल फोन, दो आधारकार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, एक मेट्रो कार्ड और 2660 रुपये नकद बरामद किया है।

एसटीएफ ने आरोपी की गिरफ्तारी शुक्रवार को यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा के बसंत बिहार दिल्ली से दोपहर को की।

जानकारी के अनुसार राज बहादुर गुरुंग, निवासी लखनऊ, ने एसटीएफ मुख्यालय में उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दिया था कि उनको व्यवसाय के लिए कुछ रूपयों की आवश्यकता थी। जिसके लिए वह एक व्यक्ति के माध्यम से लोन लेने के लिए बैंक के कुछ फार्मों पर हस्ताक्षर किये थे। जिसके बाद उसको बताया गया कि तुम्हारा लोन नही हुआ। लगभग 5-6 महीने बाद राज बहादुर गुरुंग के मोबाइल पर ईएमआई ड्यू का मैसेज आया। तब राज बहादुर गुरुंग ने अपना सिविल स्कोर निकलवाया तो पता चला कि उसके नाम से दो लोन स्वीकृत हुए है।

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गिरफ्तार अभियुक्त ने खोला अहम राज

गिरफ्तार अभियुक्त नितिन चौधरी ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2020 में उसकी पोस्टिंग लखनऊ में यूनियन बैंक आफ इंडिया की खुर्रमनगर ब्रांच में ब्रांच मैनेजर के पद पर हुई। इसके बाद वर्ष 2021 में उसका ट्रांसफर यूनियन बैंक आफ इंडिया की कल्यानपुर ब्रांच में ब्रांच मैनेजर के पद पर हो गया।

उसकी ब्रांच में एसी का काम कराने नावेद से पहचान हुई। वह आफिस में फर्नीचर के वेंडर का काम करता था।  कुछ दिन पश्चात् हम लोगों ने रूपये कमाने के लिए फर्जी तरीके से लोन कराने का प्लान बनाया। जिसमें लोगों के आधार व पैनकार्ड पर लगे फोटो को एडिट कर उनके स्थान पर किसी दूसरे का फोटो लगाकर व हस्ताक्षर कराकर मुद्रा लोन योजना के अन्तर्गत लोन निकालने का प्लान था।

कोटेशन के लिए नावेद ने अपने मित्र आमिर के साथ मिलकर कुछ फर्जी फर्म बना रखी थी। जिनके बैंक खातों में फर्जीवाडे का रूपया जाना था। इसके बाद मेरे द्वारा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से व फर्जी पते पर बनायी गयी कम्पनियों से कोटेशन लगाकर, दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर लगी फोटो को एडिट कर, उनकी फोटो की जगह अपने गिरोह के सदस्यों की फोटो लगाकर व उनके नाम से हस्ताक्षर कर 05 मुद्रा लोन किये गये। जिसमें विष्णु कुमार पाण्डेय के नाम से 09 लाख का लोन जनरेटर लेने के लिए किया गया।

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अभियुक्तों द्वारा बताये गये बैंक खाते, वालेट की जानकारी/परीक्षण व गिरोह के अन्य सदस्यो की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। अभियुक्तों से बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों का फारेंसिक परीक्षण कराया जायेगा।

मामले में पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त को पटियाला हाउस दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले में आगे की जानकारी में जुट गई है।

 

Location :  New Delhi

Published :  11 April 2026, 6:11 PM IST