
पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव (Img : Google)
Deoria : जिले के चर्चित शिक्षक आत्महत्या मामले में फरार चल रही पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गई हैं। 25 हजार रुपये की इनामी और लंबे समय से फरार चल रही शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर की गुलरिहा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ 22 फरवरी को मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद से वह लगातार पुलिस को चकमा दे रही थीं। अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर रखा था।
यह मामला कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह से जुड़ा है। कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के घर रहते थे।
20 फरवरी की रात उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट और वीडियो जारी किया था। जिसमें तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और अन्य लोगों पर मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
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मामले की जांच के दौरान आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह को निलंबित कर दिया था। जांच में दोनों की भूमिका सामने आने के बाद इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले एक पूर्व प्रधानाचार्य को गोरखपुर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, बीएसए कार्यालय का बाबू संजीव सिंह अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पूर्व बीएसए की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में शिक्षक आत्महत्या प्रकरण से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं फरार अन्य आरोपियों पर भी पुलिस का दबाव बढ़ गया है।
Location : Deoria
Published : 17 June 2026, 7:06 AM IST