फतेहपुर CHC में नवजात की मौत से हड़कंप, परिजनों ने लगाए चौंकाने वाले आरोप

फतेहपुर के सराय खालिश सीएचसी में प्रसव के बाद नवजात की मौत से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एएनएम और निजी दाई पर रुपये लेने, इलाज में लापरवाही और रेफर करने में देरी का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत सीएमओ और पुलिस से की गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 July 2026, 2:58 PM IST

Fatehpur: फतेहपुर के असोथर क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सराय खालिश में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो जाने से परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल में तैनात एएनएम और एक निजी दाई पर रुपये लेने, इलाज में लापरवाही बरतने और समय पर जिला अस्पताल रेफर न करने का आरोप लगाया है।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत असोथर के प्रताप नगर झाल निवासी अर्पित अपनी पत्नी संयोगिता को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। दोपहर में प्रसव कराया गया, लेकिन कुछ देर बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिला और जिला अस्पताल भेजने में भी देरी की गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।

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रुपये लेने का लगाया आरोप

नवजात के पिता अर्पित ने आरोप लगाया कि एएनएम ने प्रसव कराने के नाम पर 2,100 रुपये और निजी दाई ने 1,100 रुपये मांगे। उनका कहना है कि पूरी रकम तुरंत न देने पर इलाज में लापरवाही की गई। परिजनों का दावा है कि रुपये लेने के वीडियो उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भी उपलब्ध कराने की बात कही है। साथ ही एएनएम और निजी दाई के खिलाफ थाने में लिखित तहरीर भी दी गई है।

एएनएम ने आरोपों को बताया गलत

एएनएम मोनिका सिंह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रसव सामान्य तरीके से कराया गया था। उनके अनुसार, नवजात की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी तरह की धनराशि नहीं मांगी गई थी। परिजनों ने अपनी खुशी से कुछ रुपये उपहार के रूप में दिए थे।

पुलिस पहुंची, जांच शुरू

हंगामे की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने सीएचसी में स्थायी महिला चिकित्सक की तैनाती न होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि विशेषज्ञ महिला डॉक्टर की कमी के कारण प्रसूताओं को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता।

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सीएमओ ने दिए जांच के निर्देश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी उदयभान सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।

Location :  Fatehpur

Published :  20 July 2026, 2:58 PM IST