फतेहपुर नगर पालिका में दुकानों की नीलामी नहीं होने पर हंगामा हुआ। आवेदकों ने दिनभर इंतजार किया, लेकिन चेयरमैन और ईओ नहीं पहुंचे। सभासदों ने आरोप लगाया कि अपनों को फायदा देने के लिए नीलामी रोकी गई। मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठी है।

सभासदों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप ( Img: Dynamite News)
Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की नगर पालिका परिषद में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। आरोप है कि चेयरमैन और ईओ ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए नीलामी प्रक्रिया को रद्द कर दिया। इस घटना के बाद आवेदकों और सभासदों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
दिनभर इंतजार के बाद भी नहीं हुई नीलामी
नगर पालिका प्रशासन द्वारा दुकानों की नीलामी के लिए दोपहर 12 बजे का समय तय किया गया था। इसके लिए कई आवेदक सुबह से ही नगर पालिका परिसर पहुंच गए और बोली प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करते रहे। लेकिन शाम 5 बजे तक न तो नीलामी शुरू हुई और न ही चेयरमैन राजकुमार मौर्य और ईओ रविन्द्र कुमार मौके पर पहुंचे।
आय बढ़ाने के लिए बनाई गई थीं दुकानें
बताया जा रहा है कि नगर पालिका परिषद फतेहपुर ने पिछले वर्ष अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न बाजारों में नगर पालिका की जमीन पर दुकानों का निर्माण कराया था। इन दुकानों को व्यापारियों को पट्टे पर देने के लिए नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जानी थी, लेकिन यह प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी।
सभासदों और आवेदकों ने किया हंगामा
नीलामी न होने से नाराज आवेदकों और सभासदों ने नगर पालिका परिसर में जमकर हंगामा किया। लोगों ने चेयरमैन और ईओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर नीलामी प्रक्रिया को रोका गया ताकि कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके।
फतेहपुर नगर पालिका में दुकानों की नीलामी रद्द होने पर बवाल
सभासदों ने चेयरमैन राजकुमार मौर्य और EO रविन्द्र कुमार पर अपनों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।#Fatehpur #UPNews #Corruption #BreakingNews pic.twitter.com/vTAKgOfo4s— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 25, 2026
सभासद ने लगाए गंभीर आरोप
नगर पालिका बोर्ड सदस्य और सभासद विनय तिवारी ने आरोप लगाया कि 4 से 5 लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चेयरमैन और ईओ नीलामी प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के खिलाफ है और इसकी जांच होनी चाहिए।
आवेदकों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
आवेदकों का कहना है कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया के तहत आवेदन किया था और नीलामी में भाग लेने के लिए समय पर पहुंचे, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी। आवेदिका सुधा मौर्य ने भी इस मामले में नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
गुरुग्राम दुष्कर्म केस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हरियाणा पुलिस को लगाई फटकार; जानिये पूरा मामला
पारदर्शिता पर सवाल, जांच की मांग तेज
इस पूरे मामले के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।