करोड़ों का बजट… फिर भी नरक जैसी जिंदगी! फतेहपुर के इस गांव में कागजी दावों की खुली पोल

देवमई ब्लॉक के कपरिया ऊसर गांव में नालियों की बदहाली ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गई है। महीनों से सफाई न होने के कारण रास्तों पर जलभराव और मच्छरों का प्रकोप है। बार-बार शिकायत के बाद भी अफसरों की बेरुखी से स्वच्छता अभियान के दावों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 June 2026, 9:53 AM IST

Fatehpur : फतेहपुर के विकासखंड देवमई अंतर्गत ग्राम पंचायत करणपुर के मजरा कपरिया ऊसर में बदहाल नाली व्यवस्था ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से नालियों की सफाई न होने के कारण जलभराव, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वच्छता को लेकर सरकारी दावों के बीच गांव की यह तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है।

घरों से निकलना भी हुआ मुश्किल

कपरिया ऊसर गांव में नालियों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार नालियों में गंदगी जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो गई है, जिससे जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंदे पानी और दुर्गंध के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो रहा है।

बढ़ रहा संक्रामक बीमारियों का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था कागजों तक सीमित होकर रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर हैं। गंदगी के चलते मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

"शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं"- ग्रामीणों का फूटा दर्द

ग्रामीणों ने बताया कि नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। गंदा पानी भरा रहता है, जिससे दुर्गंध फैलती है और मच्छर पनप रहे हैं। कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब बड़ा सवाल यह है कि जब स्वच्छता अभियान और सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो कपरिया ऊसर जैसे गांवों में मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं? ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

Location :  Fatehpur

Published :  7 June 2026, 9:53 AM IST