
431 करोड़ में बिकी बहेड़ी की केसर चीनी मिल (IMG: Dynamite News)
Bareilly: बरेली के बहेड़ी की केसर चीनी मिल को लेकर लंबे समय से चल रही बेचैनी के बीच अब एक बड़ा बदलाव हुआ है। करीब नौ दशक पुरानी केसर चीनी मिल 431 करोड़ रुपये में बिक गई है। सहारनपुर की अवध फूड्स ने मिल को खरीद लिया है। सौदा सोमवार देर शाम फाइनल हुआ और मंगलवार को मिल प्रशासन की ओर से इसकी जानकारी दी गई।
केसर चीनी मिल की बिक्री का फैसला किला चंद परिवार के हर्ष आर. किला चंद की ओर से लिया गया था। मिल को खरीदने के लिए कई कंपनियों के साथ बातचीत चल रही थी। आखिरकार सहारनपुर के कारोबारी संजीव कुमार कपूर की कंपनी अवध फूड्स के साथ 431 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ। सोमवार देर शाम डील फाइनल होने के बाद मंगलवार को मिल प्रशासन की ओर से इसकी घोषणा की गई। केसर चीनी मिल के सीईओ शरद मिश्र ने बताया कि केसर चीनी मिल लिमिटेड को अवध फूड्स ने खरीद लिया है और सौदा 431 करोड़ रुपये में हुआ है।
केसर चीनी मिल पर किसानों का करीब 164 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया बताया जा रहा है। यह रकम दो पेराई सत्रों से अटकी होने की बात सामने आई है। भुगतान नहीं होने की वजह से किसानों को लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को सबसे बड़ी उम्मीद दी गई है। सीईओ शरद मिश्र के मुताबिक, मिल की बिक्री से प्राप्त रकम में सबसे पहले क्षेत्र के किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
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केसर चीनी मिल का इतिहास करीब नौ दशक पुराना है। वर्ष 1933 में किला चंद परिवार ने इस चीनी मिल की स्थापना की थी। इसके बाद करीब 90 वर्षों तक मिल इसी परिवार के स्वामित्व में रही। हालांकि पिछले पांच-छह वर्षों में मिल की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। आर्थिक संकट गहराने के साथ मिल की गतिविधियां प्रभावित हुईं और किसानों के गन्ने का भुगतान भी अटकता गया।
इधर, केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी को लेकर भी प्रशासन की ओर से किसानों के साथ बैठक की गई। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में तहसील बहेड़ी क्षेत्र के गन्ना किसानों के साथ बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याएं और उनकी अपेक्षाएं सुनीं। संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
मिल की बिक्री के बाद जमीन की नीलामी को लेकर भी स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। केसर चीनी मिल के सीईओ शरद मिश्र ने कहा कि अब चीनी मिल की किसी भी जमीन की नीलामी नहीं होगी। वहीं जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि मुड़िया मुकर्रमपुर गांव स्थित चीनी मिल की भूमि किसानों के बकाया भुगतान के लिए कुर्क हुई थी। जमीन की अधिक से अधिक कीमत पर बिक्री कराने के लिए मंगलवार को बैठक की गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मिल की बिक्री करना प्रबंधन का आंतरिक मामला है।
दूसरी ओर किसानों के बकाया भुगतान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। करीब एक सप्ताह से चल रहे इस धरने के दौरान मंगलवार को बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर के किसानों ने महापंचायत भी की। दिन में मिल प्रबंधन के साथ किसानों की बातचीत हुई, लेकिन तत्काल कोई सहमति नहीं बन पाई। किसानों का मुख्य मुद्दा बकाया गन्ना भुगतान ही है।
Location : Bareilly
Published : 9 September 2026, 6:13 PM IST