लापता बेटी की तलाश में था परिवार, तभी आया SP ऑफिस के कर्मचारी का फोन; ‘एक घंटे में मिल जाएगी’ कहकर ठगे 10 हजार

अमेठी में 18 वर्षीय युवती के लापता होने के बाद परिवार से साइबर ठगी का आरोप लगा है। पीड़ित का कहना है कि खुद को एसपी ऑफिस का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने युवती के दिल्ली में होने का दावा किया और एक घंटे में बरामद कराने के नाम पर 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। पैसे मिलते ही फोन बंद हो गया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 10 September 2026, 9:00 PM IST
google-preferred

Amethi: अमेठी में 18 साल की युवती के लापता होने के बाद उसके परिवार के साथ कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बेटी की तलाश में परेशान परिवार को एक शख्स ने फोन किया और खुद को एसपी कार्यालय का कर्मचारी बताया। फोन करने वाले ने दावा किया कि युवती दिल्ली में है और अगर रुपये की व्यवस्था कर दी जाए तो महज एक घंटे के भीतर उसे बरामद कर परिवार से मिला दिया जाएगा। बेटी की चिंता में परिवार ने उसकी बात पर भरोसा कर लिया और दो बार में कुल 10 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिए।

4 सितंबर को घर से गायब हुई 18 वर्षीय युवती

मामला अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के जालिम का पुरवा मौजा बाबूपुर का है। यहां रहने वाले श्रवण पुत्र स्वर्गीय हनुमान के मुताबिक, वह 4 सितंबर को किसी काम से घर से बाहर गए थे। उस समय घर पर छोटे बच्चों के अलावा कोई नहीं था। जब वह वापस लौटे तो उनकी 18 वर्षीय बेटी घर पर नहीं थी। बेटी के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। श्रवण ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और अपने स्तर से काफी तलाश की, लेकिन युवती का कोई पता नहीं चला।

पुलिस में दर्ज कराया मुकदमा

बेटी के गायब होने के बाद परेशान परिवार थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 4 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद परिवार लगातार पुलिस से युवती के बारे में जानकारी लेता रहा। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द ही युवती का पता लगा लेगी। इसी बीच 9 सितंबर को श्रवण के पास एक फोन आया। इस फोन ने कुछ देर के लिए परिवार को राहत तो दी, लेकिन बाद में यही कॉल कथित साइबर ठगी का कारण बन गई।

अमेठी में सड़क किनारे झाड़ियों में मिला युवक का शव, पास में बाइक भी बरामद; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

खुद को बताया SP ऑफिस का कर्मचारी

पीड़ित के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने उससे उसकी बेटी के बारे में पूरी जानकारी बताई और दावा किया कि युवती का पता चल गया है। उसने कहा कि लड़की दिल्ली में है और अगर पैसों की व्यवस्था कर दी जाए तो एक घंटे के अंदर उसे बरामद करा दिया जाएगा। फोन करने वाले ने खुद को एसपी कार्यालय का कर्मचारी बताया। बेटी के बारे में सही जानकारी होने के दावे और खुद को पुलिस कार्यालय का कर्मचारी बताए जाने के कारण पीड़ित को उसकी बात पर विश्वास हो गया।

पैसे भेजते ही बंद हो गया फोन

पीड़ित को उम्मीद थी कि अब उसकी बेटी जल्द घर वापस आ जाएगी। लेकिन रुपये भेजने के बाद कथित तौर पर फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया। इसके बाद परिवार को समझ आया कि उसके साथ ठगी हो सकती है। एक तरफ 18 वर्षीय बेटी अभी लापता है और दूसरी तरफ बेटी को बरामद कराने के नाम पर 10 हजार रुपये की ठगी का आरोप है। इस दोहरी परेशानी के बीच पीड़ित एक बार फिर पुलिस के पास पहुंचा।

अमेठी में बंद सरकारी विद्यालयों में सपा ने मनाया शिक्षक दिवस, सरकार बनने पर स्कूल फिर शुरू कराने का किया ऐलान

पुलिस ने कार्रवाई का दिया भरोसा

पीड़ित के मुताबिक, जब वह दोबारा थाने पहुंचा तो पुलिस ने ठगी की जानकारी ली और शिकायत भी दर्ज की। पुलिस की ओर से उसे भरोसा दिया गया कि जल्द ही उसकी बेटी का पता लगाने के साथ-साथ ठगी के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले को लेकर जामो थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि लड़की के गायब होने के मामले में पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच जारी है।

Location :  Amethi

Published :  10 September 2026, 9:00 PM IST

Related News

Advertisement