न्याय की गुहार लेकर SSP कार्यालय पहुंचे परिजन, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

आस्था के नाम पर अगर किसी मासूम के साथ गलत होने का आरोप लगे, तो सवाल उठना लाजिमी है! और जब मामला नाबालिग बच्चे से जुड़े कथित यौन शोषण का हो, तो पुलिस की जवाबदेही और भी बढ़ जाती है!

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 October 2026, 7:11 PM IST

Jhansi: झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम कुरेचा स्थित काली सरकार मंदिर के पुजारी बताए जा रहे प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज पर एक नाबालिग बच्चे के कथित यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों का उल्लेख पीड़ित परिवार की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में किया गया है।

अब इस मामले में पीड़ित परिवार SSP कार्यालय झांसी पहुंचकर न्याय की गुहार लगा रहा है। लेकिन सवाल यह है—आखिर पीड़ित परिवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक क्यों पहुंचना पड़ा?

आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग

परिवार की शिकायत में घटना का गंभीर विवरण दिया गया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि स्थानीय स्तर पर उसकी शिकायत पर अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई। हालांकि, स्थानीय पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

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अब सवाल मऊरानीपुर पुलिस से हैं-क्या शिकायत पर विधिक कार्रवाई की गई?क्या नाबालिग बच्चे का बयान और जरूरी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया? क्या मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं?और यदि किसी संगठित नेटवर्क की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं, तो क्या उस पहलू की भी जांच होगी?

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साफ कर दें—किसी भी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगना और आरोप साबित होना अलग-अलग बातें हैं। इसलिए जरूरी है कि पुलिस तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच करे, बच्चे की पहचान गोपनीय रखे और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करे।

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यह मामला किसी की धार्मिक आस्था पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि एक नाबालिग की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का है।अब निगाहें SSP झांसी और मऊरानीपुर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा और शिकायत पर क्या कदम उठाए जाएंगे—इन सवालों के जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देने चाहिए।

Location :  Jhansi

Published :  27 October 2026, 7:11 PM IST