महराजगंज जिले में मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था शुरू होते ही मजदूरों की उपस्थिति हजारों से घटकर सैकड़ों में पहुंच गई, जिससे फर्जी हाजिरी पर सवाल उठने लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर

मनरेगा में फर्जी हाजिरी पर कसा शिकंजा
महराजगंज: जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फर्जी हाजिरी पर रोक लगाने के उद्देश्य से दो मार्च से फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) लागू कर दिया गया है।
क्या है पूरी खबर?
जानकारी के मुताबिक, अब मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज की जा रही है, जिसमें श्रमिक के चेहरे का पंजीकृत फोटो से मिलान करने के साथ आंख की आइरिश स्कैन की जा रही है। आंख की पलक झपकाने के बाद ही हाजिरी मान्य होगी, जिससे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
1142 श्रमिकों की उपस्थिति
नई व्यवस्था लागू होते ही जिले में मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति के आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दो मार्च को जिले के 12 विकास खंडों में कुल 726 मजदूरों की ही
हाजिरी लग सकी। वहीं तीन मार्च को सायं तीन बजे तक केवल 1142 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई।
8244 मजदूरों की हाजिरी दर्ज
इसके विपरीत, एफआरएस प्रणाली लागू होने से पहले पिछले 15 दिनों में प्रतिदिन हजारों मजदूरों की उपस्थिति दर्ज हो रही थी। आंकड़ों के अनुसार 17 फरवरी को 6529, 18 फरवरी को 7441, 19 फरवरी को 7487, 20 फरवरी को 7839, 21 फरवरी को 8133, 22 फरवरी को 8415, 23 फरवरी को 8041, 24 फरवरी को 8180, 25 फरवरी को 7642, 26 फरवरी को 7963, 27 फरवरी को 8071, 28 फरवरी को 8001 तथा एक मार्च को 8244 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई थी।
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नई तकनीकी व्यवस्था लागू होने के बाद पहले ही दिन हजारों से घटकर सैकड़ों में पहुंची उपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे यह भी चर्चा तेज हो गई है कि पहले बड़ी संख्या में फर्जी हाजिरी लगाई जा रही थी। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि शुरुआती दिनों में नेटवर्क समस्या, तकनीकी दिक्कतों और मजदूरों में जागरूकता की कमी के कारण भी उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी आ रही है।