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एटा जिले के एक गांव में दलित बालिका की बारात को लेकर शुक्रवार रात को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट में जानिए क्या रही वजह
एटा के एसएसपी नारायण सिंह
एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के थाना अवागढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ढकपुरा गांव में एक दलित बालिका की बारात को लेकर शुक्रवार रात को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला उस वक्त गरमा गया जब दलित समुदाय की बेटी की बारात पारंपरिक गांव के मुख्य मार्ग से निकल रही थी और ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया।
क्या है मामला
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता से मिली जानकारी के अनुसार, जाटव समाज से संबंधित एक दलित परिवार की बेटी की शादी 21 जून को निर्धारित थी। बारात नियत समय पर गांव में पहुंची और पारंपरिक मार्ग से होकर गुजर रही थी। इसी दौरान ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने बारात को मुख्य रास्ते से गुजरने से रोकने का प्रयास किया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते नोकझोंक में तब्दील हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की सूझबूझ आई काम
घटना की गंभीरता को समझते हुए पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। थाना अवागढ़ पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था बनाए रखने में सफल रहे। पुलिस की सूझबूझ और समय पर हस्तक्षेप के कारण स्थिति नियंत्रण में आ गई और शादी की रस्में पूरी कराई गईं। दुल्हन की विदाई सकुशल संपन्न कराई गई और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
मामले की जांच की जा रही है
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एटा ने मीडिया को बताया कि गांव में पूरी तरह शांति है और स्थिति नियंत्रण में है। किसी भी प्रकार की हिंसा या टकराव की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि वह आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखें। किसी भी प्रकार के जातीय भेदभाव या तनाव को बढ़ावा न दें, क्योंकि यह समाज की एकता और समरसता को नुकसान पहुंचा सकता है।