एटा जिले के मलावन क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग का दर्दनाक मामला सामने आया है। चाची और भतीजे ने एक ही साड़ी के फंदे से पेड़ पर लटककर आत्महत्या कर ली। दोनों मंगलवार रात से लापता थे और बुधवार सुबह दूसरे गांव की सीमा में शव मिले। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की गहन जांच में जुटी है।

चाची-भतीजे का फाइल फोटो
Etah: एक तरफ गांव में दावत चल रही थी, दूसरी तरफ दो जिंदगियां चुपचाप मौत की ओर बढ़ रही थी। रिश्तों की सारी सीमाएं लांघ चुके चाची और भतीजे ने आखिरकार ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। मलावन थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से परेशान चाची-भतीजे ने एक ही साड़ी के दोनों छोर से फंदा बनाकर पेड़ पर लटककर जान दे दी। बुधवार सुबह दोनों के शव दूसरे गांव की सीमा में पेड़ से लटके मिले तो गांव में कोहराम मच गया।
गांव पुरा निवासी रामेंद्र सिंह के मुताबिक, उनके बेटे रमन का करीब तीन साल से परिवार की ही चाची रोशनी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। कई बार समझाने और रिश्तेदारों की पंचायत बैठाने के बाद भी दोनों अलग नहीं हुए। हालात को देखते हुए छह महीने पहले रमन की शादी दूसरी लड़की से कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद दोनों मिलते रहे।
मंगलवार शाम गांव में दावत थी। शाम 7 बजे रमन घर से निकला और 7:30 बजे रोशनी भी चली गई। रात 8 बजे तक दोनों को दावत में देखा गया, लेकिन 9 बजे के बाद दोनों गायब हो गए। पिता ने कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। रात 10:13 बजे बात हुई तो रमन ने कहा कि वह एटा महोत्सव में है और सुबह लौट आएगा। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे कोतवाली देहात के गांव सरदलगढ़ की सीमा में एक पेड़ पर दो शव लटके होने की सूचना मिली। गांव पुरा के प्रधान योगेश राजपूत मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक ही साड़ी के दोनों छोर का फंदा बनाकर रमन और रोशनी लटके हुए थे। दोनों की कमर शॉल से आपस में बंधी थी। दृश्य इतना दर्दनाक था कि देखने वालों की आंखें नम हो गई।
सूचना मिलते ही सीओ सकीट कीर्तिका सिंह, मलावन थाना प्रभारी आरके सिंह, देहात कोतवाली पुलिस, फोरेंसिक और डॉग स्क्वाड टीम मौके पर पहुंची। शवों को नीचे उतारकर साक्ष्य जुटाए गए। रमन के पास से मोबाइल, ब्लूटूथ और सिंदूर की डिब्बी बरामद हुई है।
प्रधान के अनुसार, तीन साल में करीब पांच बार पंचायत हुई। लेकिन दोनों को अलग नहीं किया जा सका। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात रमन ने रोशनी की मांग में सिंदूर भरते हुए कहा, “इस जन्म में एक नहीं हो सके तो क्या, अगले जन्म में जरूर होंगे…” और इसके बाद दोनों ने फंदा लगा लिया।
रोशनी ने 2016 में गांव के ही जोगेंद्र से प्रेम विवाह किया था और उसके तीन बच्चे हैं। रमन 50 बीघा जमीन का इकलौता वारिस था और शहर में ऑटो मोबाइल की दुकान पर काम करता था। मां की पहले ही सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। अब पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।