यूपी एसटीएफ ने चन्दौली में 50 हजार के इनामी गौ-तस्कर एजाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
Chandauli: कानून से भाग रहा एक शातिर आखिरकार जाल में फंस ही गया। महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा 50 हजार का इनामी गौ-तस्कर अब सलाखों के पीछे है। यूपी एसटीएफ की सटीक रणनीति और मुखबिर तंत्र ने उस अपराधी को दबोच लिया, जो हर बार बच निकलने में कामयाब हो रहा था। इस गिरफ्तारी ने अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
चन्दौली में STF की बड़ी कार्रवाई
यूपी एसटीएफ (Uttar Pradesh Special Task Force) को 17 मार्च 2026 को बड़ी सफलता हाथ लगी, जब चन्दौली जिले से 50 हजार रुपये का इनामी अंतरराज्यीय गौ-तस्कर एजाज को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई मझवार रेलवे स्टेशन के पास सर्विस रोड पर की गई, जहां आरोपी भागने की फिराक में था।
कैसे बिछाया गया गिरफ्तारी का जाल
एसटीएफ को पहले से ही फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में टीम लगातार अभिसूचना जुटा रही थी। उप-निरीक्षक प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम चन्दौली में सक्रिय थी, तभी सूचना मिली कि एजाज मौके पर मौजूद है। बिना देरी किए टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
तस्करी का नेटवर्क कैसे चलता था
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पहले मेरठ के बपारसी गांव में लगने वाली पशु पैठ से जानवरों के लेन-देन का काम करता था। साल 2022 में उसकी मुलाकात खलील नाम के शख्स से हुई, जिसने उसे इस अवैध धंधे में उतार दिया। इसके बाद वह मुरादाबाद और मैनपुरी में अपने नेटवर्क के साथ मिलकर गोवंशीय पशुओं की तस्करी करने लगा। हर चक्कर के बदले उसे करीब 5 हजार रुपये मिलते थे।
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पहले भी जा चुका है जेल
एजाज पहले भी वर्ष 2022 में गौ-तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ Uttar Pradesh Gangster Act के तहत मामला दर्ज है। साल 2023 में चन्दौली में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के केस में वह फरार चल रहा था, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।