UP में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा महंगा! टेस्ट के लिए भी देना पड़ेगा शुल्क, जानें बाइक-कार का रेट

यूपी में ड्राइविंग टेस्ट के लिए नया यूजर चार्ज प्रस्तावित है। बाइक के लिए 50, कार के लिए 100 और भारी वाहनों के लिए 150 रुपये शुल्क का प्रस्ताव है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 18 October 2026, 10:46 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने वाले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने के दौरान ट्रैक के इस्तेमाल का शुल्क भी देना पड़ सकता है। इसके लिए दोपहिया वाहनों से 50 रुपये, हल्के मोटर वाहनों से 100 रुपये और भारी मोटर वाहनों से 150 रुपये यूजर चार्ज लेने का प्रस्ताव है। शासन स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, प्रस्तावित शुल्क लागू होने की अंतिम तारीख को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

बाइक, कार और भारी वाहनों के लिए कितना होगा शुल्क?

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग यूजर चार्ज निर्धारित किया गया है। इसका भुगतान ड्राइविंग टेस्ट के लिए बनाए गए विशेष ट्रैक के इस्तेमाल के बदले करना होगा।

  • दोपहिया वाहन: 50 रुपये
  • हल्के मोटर वाहन: 100 रुपये
  • भारी मोटर वाहन: 150 रुपये

बताया गया है कि यूजर चार्ज की पूरी राशि संबंधित प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (ADTC) के संचालक के खाते में जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य ड्राइविंग टेस्ट के लिए उपलब्ध सुविधाओं के संचालन और रखरखाव से जुड़ी लागत को पूरा करना बताया जा रहा है।

लर्नर लाइसेंस के बाद कहां देना होता है ड्राइविंग टेस्ट?

उत्तर प्रदेश में लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। लर्नर लाइसेंस मिलने के बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदक को संबंधित RTO या ARTO कार्यालय में बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है और ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ता है। टेस्ट में सफल होने के बाद लाइसेंस डाक के माध्यम से घर भेजा जाता है।

परिवहन विभाग ने बेहतर चालक तैयार करने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ADTC स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर ड्राइविंग टेस्ट के लिए विशेष ट्रैक बनाए गए हैं। लखनऊ के काकोरी स्थित उदितखेड़ा में भी ऐसा केंद्र संचालित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 20 जिलों में कुल 32 केंद्र काम कर रहे हैं।

DL बनवाने का कुल खर्च कितना बढ़ेगा?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लर्नर लाइसेंस के लिए सरकारी शुल्क 350 रुपये और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 1,000 रुपये है। इस तरह दोनों का कुल सरकारी शुल्क 1,350 रुपये बैठता है। प्रस्तावित यूजर चार्ज लागू होने पर ड्राइविंग टेस्ट के दौरान वाहन की श्रेणी के अनुसार अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

हालांकि, लाइसेंस बनवाने की कुल लागत में अन्य शुल्क या प्रशिक्षण का खर्च शामिल होने पर राशि अलग हो सकती है। इसलिए आवेदकों को आवेदन के समय लागू सरकारी शुल्क और अतिरिक्त चार्ज की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

दो बार टेस्ट में फेल हुए तो लेना होगा प्रशिक्षण

ADTC में ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों को सात दिन बाद दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलता है। इसके लिए नया स्लॉट लेना होता है। दी गई जानकारी के अनुसार, दो बार असफल होने पर आवेदक को संबंधित केंद्र से ड्राइविंग प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसके लिए 6,000 रुपये शुल्क निर्धारित बताया गया है। इस व्यवस्था को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि अतिरिक्त शुल्क और अनिवार्य प्रशिक्षण का आर्थिक बोझ आवेदकों पर कितना पड़ेगा।

फिलहाल, यूजर चार्ज लागू होने की अंतिम अधिसूचना और तारीख की पुष्टि होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नई व्यवस्था कब से प्रभावी होगी और किन शर्तों के तहत शुल्क वसूला जाएगा।

Location :  Lucknow

Published :  18 October 2026, 10:46 AM IST

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