जिले में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन सख्त नजर आया। डीएम और एसपी ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर नकलविहीन परीक्षा के निर्देश दिए। वहीं किसान दिवस में सहफसली खेती, फार्मर रजिस्ट्री, पीओएस मशीन और फसल क्षति जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार अचानक पहुंचे बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर
Kushinagar: बोर्ड परीक्षाओं के बीच जिले में उस वक्त हलचल मच गई, जब कुशीनगर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अचानक परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। नकल माफिया और लापरवाह व्यवस्थाओं पर शिकंजा कसने के इरादे से हुए इस औचक निरीक्षण ने साफ कर दिया कि इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। परीक्षा को लेकर प्रशासन का तेवर पूरी तरह सख्त नजर आया।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के साथ जनपद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित परीक्षा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान किसान इंटर कॉलेज, साखोपार और एस.बी. इंटर कॉलेज में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों से परीक्षार्थियों की संख्या, प्रश्नपत्र वितरण, उपस्थिति पंजी, कक्ष निरीक्षकों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान परीक्षा कक्षों की रोशनी, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव को बारीकी से जांचा गया। प्रवेश द्वार पर तलाशी व्यवस्था और बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी कड़ी नजर रखी गई। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी, नकलविहीन और शांतिपूर्ण होनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी और अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
किसान दिवस में उठे खेती और तकनीकी दिक्कतों के मुद्दे
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में फरवरी माह का किसान दिवस विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ। बैठक की शुरुआत पिछली शिकायतों की समीक्षा से हुई। सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए गन्ने के साथ उड़द और मूंग की खेती हेतु निःशुल्क बीज वितरण की जानकारी दी गई। विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है और पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 किलो बीज मुफ्त दिया जा रहा है।
किसानों ने छुट्टा पशुओं और वन्य जीवों से फसल नुकसान का मुद्दा उठाया। प्रशासन ने बताया कि नियमानुसार आवेदन कर कार्रवाई संभव है। पीओएस मशीन पर अंगूठा न लगने और उर्वरक मिलने के बाद एसएमएस न आने की समस्या भी सामने आई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
धान क्रय केंद्र की शिकायत पर विशेष अनुमति से 50 कुंतल धान खरीद के निर्देश दिए गए। जायद मक्का बीज उपलब्ध होने और अनुदान पर वितरण की जानकारी भी साझा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। पराली जलाने और प्रदूषण रोकने के लिए ग्राम स्तर पर माइक्रोप्लान बनाने के निर्देश भी दिए गए।