कौशाम्बी में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जनशिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। लापरवाही पर वेतन रोकने की कार्रवाई भी हुई, वहीं निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई।

कौशाम्बी में डीएम और एसपी की सख्ती (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Kaushambi: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में प्रशासनिक सख्ती एक बार फिर देखने को मिली, जब जिलाधिकारी डॉ अमित पाल और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने तहसील सिराथू में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनशिकायतों को गंभीरता से सुना गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि किसी भी शिकायत को लंबित न रहने दिया जाए।
तहसील दिवस में राजस्व से जुड़ी शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर भेजकर त्वरित समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान कई अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए परियोजना निदेशक, मत्स्य अधिकारी, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई), उपायुक्त उद्योग, प्रभागीय वनाधिकारी, थाना प्रभारी मंझनपुर, ए.आर.ओ. (पूर्ति) और चकबंदी अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के तहत जनपद की विभिन्न तहसीलों में कुल शिकायतों का आंकड़ा भी सामने आया। तहसील सिराथू में 52 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 2 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं तहसील चायल में 14 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 1 का तत्काल समाधान हुआ। इसके अलावा तहसील मंझनपुर में 18 शिकायतें आईं, जिनमें से 2 का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
कौशाम्बी में डीएम ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में दी अधिकारियों को चेतावनी (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
जनशिकायतों की सुनवाई के बाद जिलाधिकारी ने उदयन सभागार में शिक्षा विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण और उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय और मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सी एंड डीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता के साथ समयसीमा में कार्य पूर्ण किया जाए।
डीएम की सख्ती से तेज होगी विकास कार्यों की रफ्तार (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
इसके अलावा "प्रोजेक्ट अलंकार" के तहत राजकीय विद्यालयों में बाउंड्री वॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। अधिशासी अभियंता, यूपीसीडको को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
Kaushambi News: DM अमित पाल का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए दिए ये कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। साथ ही आश्रम पद्धति विद्यालयों में बन रहे ट्रांजिट हॉस्टल और मूरतगंज स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय के निर्माण कार्य को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
परसरा बस अड्डे के निर्माण कार्य को लेकर भी जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष कार्यों को जल्द पूरा कर उसे उपयोग के लिए सौंपा जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।