देवरिया जिले में एक शिक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामले में मृतक शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट और वायरल वीडियो में बीएसए कार्यालय के एक बाबू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

शिक्षक की आत्महत्या से हड़कंप
Deoria: देवरिया जिले में एक शिक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामले में मृतक शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट और वायरल वीडियो में बीएसए कार्यालय के एक बाबू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मृतक शिक्षक का आरोप था कि वर्ष 2016 में नियुक्ति के बाद उनका वेतन वर्ष 2022 से बाधित चल रहा था। वेतन भुगतान को लेकर लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। सुसाइड नोट में कथित लेन-देन और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद वेतन जारी नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार 09 जुलाई 2021 को एसटीएफ की कार्रवाई के बाद जांच प्रक्रिया तेज हुई थी। इसके बाद से शिक्षक का वेतन लंबित बताया जा रहा था। इसी दौरान वह लगातार विभागीय स्तर पर संपर्क में थे, लेकिन समाधान नहीं निकला। घटना से पहले उनके बीएसए कार्यालय जाने की भी जानकारी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने आरोपी बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कदम उठाए हैं।
खबर देवरिया जिले का है जहां एक शिक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। #DeoriaNews #TeacherSuicideCase #BSAOffice #SuspensionOrder #CDOStatement #JusticeForTeacher #InvestigationBegins #BreakingNews @UPPolice pic.twitter.com/sRy46yzQVB
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 22, 2026
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। समिति पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करेगी और तथ्यों की समीक्षा करेगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर आरोपी बाबू को निलंबित कर दिया गया है। उनकी अध्यक्षता में गठित समिति एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
घटना के बाद परिजनों ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।