
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Deoria: जनपद में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और राजस्व चोरी के मामलों पर प्रशासन ने अब पूरी तरह से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को प्रशासनिक अमले के साथ क्षेत्र की दो प्रमुख विक्रय संपत्तियों का औचक स्थलीय सत्यापन किया। इस दौरान एक संपत्ति के मूल्यांकन में हेरफेर और स्टाम्प शुल्क की चोरी पकड़े जाने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर स्थित सोनूघाट क्षेत्र का रुख किया। इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग विक्रय संपत्तियों का मौके पर पहुंचकर भौतिक मुआयना किया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि संपत्तियों की रजिस्ट्री के समय उनके मूल्यांकन और निर्धारित स्टाम्प शुल्क में नियमों का पूरी तरह से पालन हुआ है या नहीं। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के भू-कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
स्थलीय जांच के दौरान दोनों संपत्तियों की अलग-अलग स्थितियां सामने आईं-
मौजा टड़वा संपत्ति: सोनूघाट के निकट देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर स्थित मौजा टड़वा की विक्रय संपत्ति के लेखपत्र की जब बारीकी से जांच की गई, तो वहां स्टाम्प मूल्य निर्धारित प्रावधानों के बिल्कुल अनुरूप और सही पाया गया।
सोनूघाट की दूसरी संपत्ति: वहीं, सोनूघाट क्षेत्र में ही स्थित दूसरी विक्रय संपत्ति की जांच के दौरान स्टाम्प मूल्यांकन में स्पष्ट कमी पाई गई। यह साबित हो गया कि इस मामले में तय नियमों के अनुसार पूरा स्टाम्प शुल्क नहीं चुकाया गया था।
सोनूघाट स्थित संपत्ति के मूल्यांकन में कमी सामने आते ही जिलाधिकारी ने कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टाम्प शुल्क की चोरी या कमी के इस मामले में बिना किसी विलंब के नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि संपत्तियों के क्रय-विक्रय के दौरान स्टाम्प शुल्क से जुड़े सभी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। रजिस्ट्री प्रक्रिया से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि स्टाम्प मूल्यांकन की समुचित जांच हो चुकी हो, ताकि किसी भी प्रकरण में राजस्व की हानि न हो।
उन्होंने दो टूक कहा कि स्टाम्प मूल्यांकन में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Location : Deoria
Published : 13 October 2026, 2:27 PM IST