देवरिया में सपा नेताओं पर पुलिस का बड़ा एक्शन, रातभर हाउस अरेस्ट, क्या है इसके पीछे की असली वजह

देवरिया में बरहज विवाद को लेकर सपा के प्रस्तावित धरने से पहले पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया। प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला दिया, जबकि सपा ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 30 April 2026, 11:07 AM IST

Deoria: यूपी के देवरिया जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत कई प्रमुख नेताओं को उनके घरों में हाउस अरेस्ट कर लिया है। पुलिस ने यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है।

धरना-प्रदर्शन से पहले पुलिस की सख्ती

सपा नेताओं द्वारा बरहज तहसील में धरना-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी। इसी को देखते हुए पुलिस ने देवरिया सदर, सलेमपुर, बरहज, रुद्रपुर और भाटपाररानी तहसील के प्रमुख नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया। इन नेताओं को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई और उनके आवासों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने देर रात से ही कई नेताओं के घरों पर पहुंचकर उन्हें हाउस अरेस्ट किया, ताकि प्रस्तावित प्रदर्शन को रोका जा सके।

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बरहज कांड बना प्रदर्शन की वजह

यह पूरा मामला बरहज तहसील के लक्ष्मीपुर गांव में हुए एक विवाद से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार चकनाली विवाद के दौरान अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह की गिरने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद एसडीएम विपिन द्विवेदी को निलंबित किया गया, जबकि ग्राम प्रधान गोपाल यादव समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

इस मामले की जांच एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को सौंपी गई है। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि जांच में निर्दोष लोगों को फंसाया गया है, जिसके विरोध में पार्टी धरना-प्रदर्शन करना चाहती थी।

Location :  Deoria

Published :  30 April 2026, 10:58 AM IST