
पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
Deoria: देवरिया जिले में गंडक नदी से मिले युवक के शव मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। भाटपार रानी थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक की हत्या किसी पुरानी रंजिश में नहीं, बल्कि शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद के बाद की गई थी। आरोप है कि चारों युवकों ने मिलकर अपने ही दोस्त की हत्या कर दी और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया।
मामला भाटपार रानी थाना क्षेत्र का है। 30 मई 2026 की सुबह ग्राम सभा मालीबारी के लोगों ने सवरेजी पुल के पास गंडक नदी में एक शव उतराता हुआ देखा। नदी में शव मिलने की सूचना फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। बाद में मृतक की पहचान बड़का गांव निवासी 22 वर्षीय सुशील साहनी पुत्र रामकुंवर साहनी के रूप में हुई।
31 मई को मृतक के भाई संदीप साहनी ने थाना भाटपार रानी पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में उसने बताया कि 28 मई को उसका भाई सुशील साहनी अपने मित्र सुरेंद्र यादव के साथ बातचीत कर रहा था। इसी दौरान गांव के आशिक अंसारी और नईम अंसारी वहां पहुंचे और सुशील को अपने साथ चलने के लिए कहा। बताया गया कि वे उसे धरमखोर दूबे गांव में रहने वाले अपने मित्र दीपक गोड़ और कमल अंसारी के पास ले गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि धरमखोर दूबे गांव पहुंचने के बाद सुशील साहनी, दीपक गोड़, कमल अंसारी, नईम अंसारी और आशिक अंसारी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर आपसी कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विवाद के दौरान उन्होंने मिलकर सुशील साहनी को काबू में कर लिया। आरोप है कि चारों ने उसका मुंह और पैर दबा दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाने की थी। इसलिए उन्होंने पूरी घटना को छिपाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद चारों आरोपी शव को लेकर कोईलहा बाबा मंदिर के पास पहुंचे और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसे नदी में फेंक दिया।आरोपियों को उम्मीद थी कि नदी में शव बह जाएगा और किसी को घटना की जानकारी नहीं होगी। लेकिन कुछ दिनों बाद शव मिलने से पूरा मामला उजागर हो गया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी भाटपार रानी अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को चारों नामजद आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238(क) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
Location : Deoria
Published : 1 June 2026, 7:11 PM IST