Budaun: पुलिस समझौता बेअसर, पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले गरीब किसान को दे रहे जान से मारने की धमकी

बदायूँ के दातागंज क्षेत्र में एक गरीब किसान की पुश्तैनी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया। थाने में हुए लिखित समझौते के बाद भी आरोपी पीछे नहीं हटे और अब परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित ने SSP से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 April 2026, 1:29 PM IST

Budaun: जनपद के दातागंज तहसील क्षेत्र में भूमाफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला ग्राम पलिया लट्टू का है, जहां एक गरीब किसान की पुश्तैनी जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस थाने में हुए लिखित समझौते के बावजूद आरोपी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हैं और पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

ग्राम पलिया लट्टू निवासी रामगुनी पुत्र भगवन्त ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी भूमि, जो गाटा संख्या 216मि/1.2120, 415मि/0.0250, 417/0.2150 और 213/0.0250 हेक्टेयर में दर्ज है, पर उनके ही सहखातेदार के भतीजों ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोपियों में अजय कुमार, अशोक कुमार, प्रमोद और राजू पुत्रगण कल्याण शामिल हैं।

पीड़ित किसान का कहना है कि यह जमीन उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने न सिर्फ पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया, बल्कि अब उसे वापस करने से भी साफ इनकार कर रहे हैं।

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धमकियों से दहशत में परिवार

रामगुनी ने बताया कि आरोपी लगातार उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। साथ ही उनके साथ अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

पीड़ित का कहना है कि गांव में आरोपियों का दबदबा है, जिसके कारण कोई भी खुलकर उनके समर्थन में नहीं आ रहा। इससे उनकी स्थिति और अधिक कमजोर हो गई है।

थाने का समझौता भी बेअसर

रामगुनी के अनुसार, उन्होंने 09 जनवरी 2025 को जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद 26 जनवरी 2026 को दातागंज थाने में दोनों पक्षों को बुलाया गया, जहां ग्राम प्रधान मुकेश कुमार की मौजूदगी में लिखित समझौता कराया गया।

इस समझौते में आरोपी पक्ष जमीन में हिस्सा देने के लिए सहमत हुआ था। लेकिन अब वे उस लिखित समझौते को मानने से इनकार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, समझौते के बाद से ही धमकियों का सिलसिला और तेज हो गया है।

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SSP से लगाई न्याय की गुहार

पीड़ित किसान ने अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए और उनकी जमीन से अवैध कब्जा हटवाया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है। रामगुनी ने अपने आवेदन के साथ समझौते की प्रति भी संलग्न की है ताकि प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी मिल सके।

गरीबी और प्रभाव का टकराव

रामगुनी का कहना है कि वह एक गरीब और निर्धन व्यक्ति हैं, जबकि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है। यही कारण है कि अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Location :  Budaun

Published :  27 April 2026, 1:29 PM IST