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साइबर ठगी (IMG: Pinterest)
Agra: “हेलो मैडम, आपके पति ने ऑनलाइन लोन लिया है, लेकिन अभी तक पैसा जमा नहीं किया। रिकवरी नहीं हुई तो पुलिस आपके घर पहुंचने वाली है...” अगर आपके पास भी इस तरह का फोन आए तो घबराने के बजाय सावधान हो जाइए। हो सकता है कि दूसरी तरफ कोई रिकवरी एजेंट नहीं, बल्कि साइबर ठग बैठा हो। आगरा में साइबर अपराधियों ने महिलाओं को निशाना बनाने के लिए ठगी का नया तरीका अपनाया है। इसमें पहले पति के नाम पर फर्जी ऑनलाइन लोन बकाया होने की बात कही जाती है, फिर पुलिस की गिरफ्तारी और घर पहुंचने की धमकी देकर महिला को मानसिक दबाव में लिया जाता है।
साइबर ठगी का पहला मामला आगरा के न्यू आगरा क्षेत्र का है। यहां पेशे से अधिवक्ता की पत्नी के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने महिला को बताया कि उनके पति ने ऑनलाइन 62 हजार रुपये का लोन लिया है, लेकिन उसकी किस्त या बकाया रकम जमा नहीं की गई है। कॉलर के पास महिला के पति का नाम और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी थी। इससे उसकी बात पहली नजर में सही लग सकती थी। इसके बाद उसने महिला को डराते हुए कहा कि बकाया रकम जमा नहीं करने पर पुलिस उनके घर पहुंचने वाली है। अचानक मिली इस जानकारी से महिला परेशान हो गईं।
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दूसरा मामला आगरा के छीपीटोला क्षेत्र का है। यहां रहने वाली प्रियंका को भी इसी तरह साइबर ठगों ने निशाना बनाया। कॉल करने वाले ने उनके सेल्समैन पति के नाम पर 30 हजार रुपये का ऑनलाइन लोन बकाया होने की बात कही। ठग ने रकम की रिकवरी नहीं होने पर पुलिस कार्रवाई की धमकी दी। अचानक पति के नाम पर कर्ज और पुलिस के घर पहुंचने की बात सुनकर प्रियंका घबरा गईं। इसी डर का फायदा उठाकर साइबर अपराधी ने उन्हें मोबाइल पर भेजी गई APK फाइल खोलने के लिए कहा।
साइबर ठगी (IMG: Pinterest)
प्रियंका ने जैसे ही फाइल खोली, उनके बैंक खाते से 4250 रुपये कट गए। जब तक उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब तक खाते से रकम निकल चुकी थी। इस घटना से साफ है कि साइबर अपराधी अब केवल फर्जी बैंक कॉल या केवाईसी अपडेट के नाम पर ही लोगों को निशाना नहीं बना रहे, बल्कि परिवार के सदस्यों के नाम पर कर्ज और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर भी ठगी कर रहे हैं।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह के मुताबिक, साइबर अपराधी लोगों के निजी डाटा का गलत इस्तेमाल कर ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अपराधियों के पास लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और परिवार से जुड़ी कुछ जानकारियां हो सकती हैं। इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल करके वे फोन पर खुद को भरोसेमंद दिखाने की कोशिश करते हैं। इस तरह की कॉल में सबसे पहले किसी परिचित या परिवार के सदस्य के नाम पर ऑनलाइन लोन बकाया होने की बात कही जाती है। इसके बाद रिकवरी और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर जल्द से जल्द कदम उठाने का दबाव बनाया जाता है।
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APK एंड्रॉयड फोन में एप्लिकेशन इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। साइबर अपराधी इसी फाइल का इस्तेमाल करके लोगों को संदिग्ध एप इंस्टॉल करने के लिए फंसा सकते हैं। ऐसी फाइल के जरिए फोन की सुरक्षा और निजी जानकारी को खतरा हो सकता है। कुछ मामलों में इनके जरिए बैंकिंग से जुड़ी जानकारी और ओटीपी तक पहुंच बनाने की कोशिश की जाती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करना खतरनाक हो सकता है।
अगर किसी अनजान नंबर से फोन करके पति या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर लोन बकाया होने की बात कही जाती है तो सबसे पहले घबराने से बचें। कॉल करने वाले की बात पर भरोसा करके तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें। लोन से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था से सीधे करें। किसी अनजान नंबर से भेजी गई APK फाइल या संदिग्ध लिंक को बिल्कुल न खोलें। फोन पर किसी के कहने पर अनजान एप डाउनलोड न करें और न ही किसी के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा करें।
Location : Agra
Published : 6 November 2026, 12:29 PM IST