रमजान और होली के मद्देनज़र लखनऊ में FSDA ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर खोया, पनीर, घी, मिठाइयों और नमकीन के नमूने लिए गए, साथ ही आम जनता को जागरूक भी किया गया।

खोया-पनीर और मिठाइयों के नमूने लिए
Lucknow: त्योहारों की मिठास में ज़हर घोलने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। रमजान और आगामी होली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। राजधानी लखनऊ में अलग-अलग इलाकों में की गई ताबड़तोड़ छापेमारी से हड़कंप मच गया। खोया, पनीर, घी, नमकीन और मिठाइयों तक में मिलावट की आशंका के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई को त्योहारों से पहले बड़ी पहल माना जा रहा है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई
रमजान और होली के मद्देनज़र खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान खोया, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों से निर्मित खाद्य पदार्थों पर छापेमारी की गई। साथ ही घी, रंगीन कचरी, पापड़, चिप्स, नमकीन और अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों के सैंपल भी लिए गए। जिससे उनकी गुणवत्ता की जांच की जा सके और मिलावटखोरों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर छापेमारी
एफएसडीए द्वारा राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान विशाल दूध डेरी, अलीगंज खोया, लल्लू स्वीट, बी-ब्लॉक राजाजीपुरम, काजू पान, माखनचोर स्वीट और गोमती नगर जैसे प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इनमें मिलावट है या नहीं।
FSDA की सख्ती से मचा हड़कंप
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की इस कार्रवाई से व्यापारियों में खलबली मच गई है। विभाग का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में मिलावट की संभावना भी ज्यादा होती है। इसी को देखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।
जन-जागरूकता अभियान भी चला
केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि आम लोगों को जागरूक करने पर भी ज़ोर दिया गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ द्वारा संचालित FOOD SAFETY ON WHEELS अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम ने मुंशीपुलिया क्षेत्र में आम जनमानस को खाद्य एवं पेय पदार्थों में हो रही मिलावट के प्रति जागरूक किया। लोगों को बताया गया कि वे कैसे शुद्ध और मिलावटी खाद्य पदार्थों में फर्क कर सकते हैं और संदिग्ध वस्तुओं की शिकायत कहां करें।