सास-बहू के बीच सालों से था झगड़ा, दोनों चिड़-चिड़ाकर पहुंची पुलिस के पास, थाने में चला ऐसा जादू, दोनों हंसते-खेलते बाहर आई

गोरखपुर के महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र ने सास-बहू के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को काउंसलिंग के जरिए सुलझा दिया। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से साथ रहने का संकल्प लिया।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 13 February 2026, 12:13 AM IST

Gorakhpur: गोरखपुर में एक परिवार टूटने की कगार पर था। सास-बहू के बीच बढ़ता तनाव अब रिश्तों को बिखेरने लगा था। तकरार इतनी बढ़ गई थी कि मामला महिला थाना तक पहुंच गया। लेकिन परिवार परामर्श केंद्र की समझदारी और धैर्य ने इस रिश्ते को टूटने से बचा लिया।

क्या है पूरा मामला?

महिला थाना गोरखपुर स्थित परिवार परामर्श केंद्र ने एक बार फिर संवेदनशील पहल करते हुए विमला देवी और सरस्वती देवी के बीच लंबे समय से चले आ रहे वैचारिक मतभेद को खत्म करा दिया। दोनों के बीच घरेलू जिम्मेदारियों, कामकाज के बंटवारे और आपसी व्यवहार को लेकर लगातार कहासुनी हो रही थी। धीरे-धीरे बात इतनी बढ़ गई कि घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया और परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित होने लगे।

छोटी-छोटी बातों को बड़ा बनाने से रिश्ते कमजोर होते हैं

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई। काउंसलरों ने पहले दोनों की बात अलग-अलग सुनी, फिर संयुक्त रूप से संवाद की प्रक्रिया शुरू कराई। कई चरणों में चली काउंसलिंग के दौरान दोनों को एक-दूसरे के नजरिए को समझने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि परिवार में संवाद ही सबसे बड़ा समाधान है और छोटी-छोटी बातों को बड़ा बनाने से रिश्ते कमजोर होते हैं।

चेहरे पर संतोष और राहत साफ दिखाई दी

लगातार प्रयासों और सकारात्मक माहौल में हुई बातचीत के बाद आखिरकार सास-बहू ने अपने मनमुटाव भुलाने का फैसला किया। दोनों ने बिना किसी दबाव के साथ रहने और मिलकर परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लिया। काउंसलिंग के अंत में दोनों के चेहरे पर संतोष और राहत साफ दिखाई दी।

पुलिस ने विवाद को सुलझाया

इस पूरे प्रकरण में काउंसलर मेनका अग्रहरी, उप निरीक्षक अमजद अली, महिला आरक्षी अंतिमा तिवारी, अनीषा चौहान और महिला कांस्टेबल सोनी यादव की भूमिका सराहनीय रही। टीम ने न सिर्फ विवाद को सुलझाया, बल्कि परिवार को बिखरने से भी बचा लिया। परिवार परामर्श केंद्र की यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश दे रही है कि अगर संवाद कायम रखा जाए तो हर पारिवारिक विवाद का हल संभव है। गोरखपुर पुलिस की इस कोशिश से एक बार फिर साबित हुआ कि समझदारी और धैर्य से रिश्तों को नई दिशा दी जा सकती है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 13 February 2026, 12:13 AM IST