हाथों में तिरंगा, जुबान पर सवाल… हमीरपुर में बच्चों ने घेरा DM ऑफिस, अफसर भी रह गए हैरान

हमीरपुर में मंगलवार को सड़क की बदहाली के खिलाफ स्कूली बच्चों ने अनोखा प्रदर्शन किया। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में जेन-अल्फा बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय का घेराव किया। बच्चों का कहना है कि करीब तीन हजार की आबादी वाले इलाके का कच्चा रास्ता बारिश में कीचड़ में बदल जाता है, जिससे स्कूल आने-जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 August 2026, 7:27 PM IST
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Hamirpur: आमतौर पर डीएम ऑफिस के बाहर अपनी फरियाद लेकर बड़े-बुजुर्ग और ग्रामीण नजर आते हैं, लेकिन हमीरपुर में मंगलवार को नजारा बिल्कुल अलग था। हाथों में तिरंगा लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंच गए। बच्चों के हाथों में तिरंगा था और जुबान पर अपनी सड़क की मांग। देखते ही देखते बच्चों ने डीएम कार्यालय का घेराव कर दिया। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को देखकर प्रशासन भी सकते में आ गया। बच्चों को रोकने के लिए पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन बच्चे अपनी मांग पर डटे रहे।

हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे

मंगलवार को बड़ी संख्या में जेन-अल्फा बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी स्थिति संभालने के लिए पुलिस बल बुलाना पड़ा। बच्चों के कलेक्ट्रेट पहुंचने की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर अभिषेक कुमार और सीओ यशपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों को रोकने और समझाने की कोशिश की, लेकिन बच्चे पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।

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‘बारिश होते ही सड़क बन जाती है दलदल’

प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि चंदुपुर ग्राम पंचायत से जुड़े करीब आधा दर्जन डेरों में लगभग तीन हजार लोगों की आबादी रहती है। इसके बावजूद यहां आने-जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक कच्चे रास्ते से ही बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। गर्मी के मौसम में किसी तरह रास्ते से आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश शुरू होते ही यही रास्ता लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है।

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बच्चों ने घेरा DM ऑफिस (IMG: Dynamite News)

‘तीन जुलाई को भी किया था प्रदर्शन’

बच्चों ने बताया कि सड़क की समस्या को लेकर इससे पहले भी प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की गई थी। तीन जुलाई को ग्रामीणों और छात्रों ने प्रदर्शन किया था। उस समय रास्ते पर मिट्टी डालकर उसे चलने लायक बनाने का प्रयास किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इससे कुछ राहत मिलेगी, लेकिन बारिश के बाद मिट्टी कीचड़ में बदल गई और समस्या फिर पहले जैसी हो गई।

वन विभाग ने वैकल्पिक रास्ता भी बंद किया

ग्रामीणों के मुताबिक पहले आवागमन के लिए एक वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन वन विभाग की ओर से उस रास्ते को भी बंद कर दिया गया। इसके बाद गांव और डेरों में रहने वाले लोगों के सामने आने-जाने का संकट और बढ़ गया। छात्रों का कहना है कि अगर वैकल्पिक रास्ता बंद कर दिया गया है तो प्रशासन को मुख्य रास्ते को पक्का कराने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

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अधिकारियों के सामने बच्चों ने रखे सवाल

कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी। उनका कहना था कि जब वे रोज इसी रास्ते से स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं तो प्रशासन उनकी समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं कर रहा है। बच्चों ने अधिकारियों से सड़क निर्माण को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने सड़क बनवाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी भी की।

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बच्चों ने घेरा DM ऑफिस (IMG: Dynamite News)

मांग पूरी नहीं हुई तो जारी रहेगा प्रदर्शन

प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने साफ कर दिया कि अब वह सिर्फ आश्वासन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। बच्चों ने कहा कि उन्हें स्कूल आने-जाने के लिए पक्की सड़क चाहिए। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वह दोबारा प्रदर्शन करेंगे और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

Location :  Hamirpur

Published :  11 August 2026, 7:24 PM IST

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