‘चंद्रशेखर आजाद नहीं, राक्षस है’, मुजफ्फरनगर में डॉ. संगीता सिंह का विवादित बयान; रोहिणी घावरी ने भी साधा निशाना

किसान मजदूर अधिकार पंचायत में करणी सेना की डॉ. संगीता सिंह ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर विवादित टिप्पणी की। डॉ. रोहिणी घावरी ने भी आरोपों का जिक्र करते हुए महिलाओं से राजनीति में आगे आने की अपील की। जानें पूरा मामला।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 12 October 2026, 10:45 AM IST
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मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान मजदूर अधिकार पंचायत के दौरान नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को लेकर विवाद खड़ा हो गया। करणी सेना की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष डॉ. संगीता सिंह ने चंद्रशेखर आजाद पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘राक्षस’ तक कह दिया। वहीं, डॉ. रोहिणी घावरी ने भी उनके खिलाफ आरोपों का जिक्र करते हुए महिलाओं से चुनावी राजनीति में आगे आने की अपील की। हालांकि, चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसान मजदूर अधिकार पंचायत में जुटे किसान और मजदूर

मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र स्थित प्राणनाथ इंटर कॉलेज में रविवार को भारतीय किसान यूनियन सेवक की ओर से किसान मजदूर अधिकार पंचायत आयोजित की गई। संगठन के स्थापना दिवस और पहली वर्षगांठ के मौके पर हुई इस पंचायत में दूर-दराज से बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में डॉ. रोहिणी घावरी और करणी सेना की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष डॉ. संगीता सिंह भी पहुंचीं। पंचायत में किसानों, मजदूरों के अधिकार, सामाजिक एकता और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान चंद्रशेखर आजाद को लेकर दिए गए बयानों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।

डॉ. संगीता सिंह ने चंद्रशेखर आजाद पर लगाए गंभीर आरोप

मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. संगीता सिंह ने चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने उन पर डॉ. रोहिणी घावरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया और उनके बहिष्कार की अपील की। संगीता सिंह ने कहा कि महिलाओं के शोषण के आरोपों का सामना करने वाले किसी भी व्यक्ति को संसद में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।

उन्होंने अपने बयान में चंद्रशेखर आजाद के नाम और उनकी राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, दुष्कर्म से संबंधित आरोपों की पुष्टि किसी न्यायिक निष्कर्ष के आधार पर नहीं की गई है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई और कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

रोहिणी घावरी बोलीं- महिलाओं को चुनाव लड़ने के लिए आगे आना होगा

डॉ. रोहिणी घावरी ने भी चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के शोषण के आरोपों का सामना करने वाले लोगों को संसद में नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों को चुनाव में चुनौती देने के लिए महिलाओं को खुद आगे आना चाहिए।

राजनीति में आने के सवाल पर रोहिणी घावरी ने कहा कि यदि समाज चाहेगा तो वह राजनीति का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर चुनाव लड़ने की भी बात कही।

23 अक्टूबर पर टिकी रोहिणी घावरी की नजर

रोहिणी घावरी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक समर्थन के कारण उनके मामले में कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 23 अक्टूबर तक न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ने की संभावना है और राजनीतिक दबाव नहीं होने पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है।

हालांकि, उनके इस दावे और मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

किसान और जवान की एकजुटता पर भी उठाई आवाज

पंचायत के दौरान डॉ. संगीता सिंह ने किसान और जवान की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की वकालत करते हुए कहा कि किसानों को विधानसभा और संसद तक पहुंचकर अपनी समस्याएं उठानी चाहिए।

उन्होंने सोशल मीडिया खातों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए तथा सरकार की नीतियों की आलोचना की। कार्यक्रम में किसानों और मजदूरों के अधिकारों के साथ सामाजिक एकता का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

फिलहाल, मुजफ्फरनगर की इस पंचायत में चंद्रशेखर आजाद को लेकर दिए गए बयानों के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अब इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आरोपों से जुड़ी कानूनी स्थिति पर नजर रहेगी।

Location :  muzaffarnagar

Published :  12 October 2026, 10:45 AM IST

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