चंदौली में फूटा छात्रों का गुस्सा: बैक परीक्षा शुल्क और कथित लेन-देन से बच्चे नाराज, राजकीय महाविद्यालय में निष्पक्ष जांच की मांग

चंदौली के सावित्रीबाई फुले राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम सेमेस्टर के को-करिकुलर विषय में 90 प्रतिशत छात्रों के फेल होने पर जोरदार प्रदर्शन हुआ। बिना पढ़ाई परीक्षा, 700 रुपये बैक शुल्क और कथित लेन-देन के आरोपों के बीच परीक्षा प्रभारी ने मामला विश्वविद्यालय में उठाने की बात कही है।

Updated : 13 October 2026, 4:25 PM IST
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Chandauli: चकिया तहसील क्षेत्र स्थित सावित्रीबाई फुले राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। को-करिकुलर विषय में बड़े पैमाने पर छात्रों के अनुत्तीर्ण होने से नाराज विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि बिना किसी नियमित पढ़ाई और अध्यापन के लिए शिक्षक की उचित व्यवस्था किए बिना ही परीक्षा आयोजित करा दी गई, जिसके परिणामस्वरूप भारी संख्या में छात्र फेल हो गए हैं।

बिना पढ़ाई और शिक्षक के परीक्षा कराने पर गंभीर सवाल

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुख्य आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की बड़ी लापरवाही के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है। महाविद्यालय में सत्र के दौरान को-करिकुलर विषय की नियमित कक्षाएं संचालित नहीं की गईं और न ही इसके लिए किसी शिक्षक की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद छात्रों को परीक्षा में शामिल होना पड़ा, जिसका खामियाजा उन्हें भारी असफलता के रूप में भुगतना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि जब पढ़ाई ही नहीं हुई, तो परिणाम ऐसा आना स्वाभाविक था, लेकिन इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की है।

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बैक परीक्षा शुल्क और कथित लेन-देन को लेकर भारी नाराजगी

छात्रों का गुस्सा केवल परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद की प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि बैक परीक्षा के नाम पर प्रत्येक छात्र से 700 रुपये का भारी-भरकम शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा, बैक परीक्षा में पास कराने के नाम पर कथित तौर पर लेन-देन किए जाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं, जिससे महाविद्यालय की व्यवस्था और निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग गया है। छात्रों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच कराए जाने की पुरजोर मांग की है।

एसडीएम को ज्ञापन के बावजूद कार्रवाई न होने से बढ़ा आक्रोश

छात्रों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर इससे पहले उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन की तरफ से समय पर कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण छात्रों में रोष और अधिक बढ़ गया, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ा।

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प्रशासनिक स्वीकारोक्ति और समाधान की उम्मीद

मामले के तूल पकड़ने के बाद महाविद्यालय के परीक्षा प्रभारी डॉ मिथिलेश सिंह ने मीडिया के सामने बीए प्रथम सेमेस्टर के को-करिकुलर विषय में 90 प्रतिशत छात्रों के अनुत्तीर्ण होने की बात को स्वीकार किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस गंभीर विषय को विश्वविद्यालय की परीक्षा काउंसिल की बैठक में उठाया जा चुका है, और इस मामले में जल्द ही किसी सकारात्मक निर्णय पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।

Location :  Chandauli

Published :  13 October 2026, 4:25 PM IST

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