IOFS अफसर के ठिकानों पर CBI ने मारा छापा, जानिये क्या-क्या दस्तावेज किये जब्त….

सीबीआई ने ऑर्डनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री, हजरतपुर के तत्कालीन CGM अमित सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच में 55.58 लाख रुपये की संदिग्ध संपत्ति, 49 लाख की ज्वेलरी और 5 लाख नकद बरामद किए गए हैं।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 28 February 2026, 11:47 AM IST

Lucknow: केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्री सर्विसेज़ (IOFS) के 1998 बैच के अधिकारी अमित सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets-DA) का मामला दर्ज किया है। यह केस 26 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया। आरोप है कि 01 अप्रैल 2022 से 31 दिसंबर 2025 के बीच उन्होंने अपने ज्ञात आय के स्रोतों से 55,58,471 रुपये (करीब 73.28 प्रतिशत) अधिक संपत्ति अर्जित की, जिसका वह संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके।

उस समय थे CGM, अब कानपुर में तैनाती

अमित सिंह उस दौरान ऑर्डनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री हजरतपुर, फिरोजाबाद में चीफ जनरल मैनेजर (CGM) के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड की ट्रेनिंग एकेडमी, कानपुर में बताई जाती है।

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कोर्ट से वारंट लेकर की गई छापेमारी

केस दर्ज होने के बाद CBI ने अदालत से सर्च वारंट हासिल किए। 27 फरवरी 2026 को आगरा, लखनऊ, बरेली और कानपुर में स्थित कुल पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इन स्थानों में आवासीय और कार्यालय परिसरों को शामिल किया गया।

ज्वेलरी, कैश और संपत्ति के दस्तावेज बरामद

तलाशी के दौरान आगरा और लखनऊ स्थित आवासों से लगभग 49 लाख रुपये की ज्वेलरी और करीब 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा अचल संपत्तियों, बैंक खातों, पासबुक, क्रेडिट कार्ड, वाहनों और विभिन्न निवेशों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

जांच एजेंसी को आगरा, लखनऊ और बरेली में तीन अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है। इनमें आगरा का एक फ्लैट वर्ष 2025 में तथा लखनऊ का फ्लैट वर्ष 2023 में खरीदा गया बताया जा रहा है। इन संपत्तियों की खरीद और भुगतान के स्रोत की जांच की जा रही है।

आय और संपत्ति का अनुपात जांच के दायरे में

CBI के अनुसार, आरोपी अधिकारी की आय और संपत्ति का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया, जिसमें 73.28 प्रतिशत की अधिकता सामने आई। एजेंसी अब बैंक लेन-देन, निवेश पैटर्न और संपत्ति खरीद से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है।

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जांच जारी

CBI अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ भी की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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  • Lucknow

Published : 
  • 28 February 2026, 11:47 AM IST