बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के कंप्रेस्ड बायोगैस/इथेनॉल प्लांट में 12 मार्च को हुई दो वरिष्ठ अफसरों की सनसनीखेज हत्या के बाद प्रशासन ने आरोपी परिवार की अवैध संपत्तियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है।

एचपीसीएल के दो अफसरों की हत्या में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
Budaun: बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के कंप्रेस्ड बायोगैस/इथेनॉल प्लांट में 12 मार्च को हुई दो वरिष्ठ अफसरों की सनसनीखेज हत्या के बाद प्रशासन ने आरोपी परिवार की अवैध संपत्तियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को दातागंज तहसील प्रशासन ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू के ताऊ राकेश सिंह के अवैध फार्म-हाउस को सील कर दिया।
फार्म-हाउस पर ताला, ज़मीन के कागज़ों की जांच
तहसील टीम ने गांव के बाहर करीब आधा बीघा में बने फार्म-हाउस पर पहुंच कर कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस ज़मीन पर यह निर्माण किया गया था, वह मूल रूप से एक सिख परिवार की है, जो लगभग दस साल पहले गांव छोड़कर कनाडा में बस गया था। आरोप है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया गया था। एसडीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध कब्जे और निर्माण के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज़ों की गहन पड़ताल जारी है।
पहले भी हो चुकी है सख्ती
दोहरे हत्याकांड के बाद से आरोपी और उससे जुड़े लोगों पर प्रशासन की कड़ी नजर है। इससे पहले अजय और उसके ताऊ राकेश सिंह की अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया था, जबकि राकेश सिंह की 27 दुकानों को सील करने की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा प्लांट से अजय के दो भाइयों (केशव प्रताप व चंद्रशेखर) समेत 85 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाया गया है और प्लांट का संचालन अस्थायी रूप से बंद है।
क्या हुआ था 12 मार्च को
मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट के मीटिंग कक्ष में 12 मार्च को प्लांट के डीजीएम सुधीर गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को जेल भेजा जा चुका है; वारदात में साज़िश के आरोप में प्लांट के एक ड्राइवर व एक ऑपरेटर को भी जेल भेजा गया है। शासन स्तर से गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है, जबकि पुलिस की अलग जांच भी जारी है। लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर अजय कुमार और सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को निलंबित किया गया था, और एसएसपी का तबादला भी किया गया था।
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आगे की कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन अब आरोपी और उसके सहयोगियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी में है, जिससे अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सके।