
महिला की मौत के बाद परिजनों का अस्पताल संचालक पर गंभीर आरोप (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Budaun: जिले के सहसवान क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे एक अवैध अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आवासीय भवन में अवैध रूप से संचालित 'नीलम हॉस्पिटल' में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को तहरीर भेजकर सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, सहसवान क्षेत्र के आनंदीपुर गांव की रहने वाली अमीना को तबीयत खराब होने पर नीलम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के संचालक अशोक कुमार और संचालिका नीलम देवी ने इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिलाया था। इसके एवज में इलाज के नाम पर उनसे पैसे भी जमा कराए गए, लेकिन सही देखरेख और लापरवाही के चलते महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
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महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल के संचालक और कथित डॉक्टर पर इलाज में भारी लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया। हंगरे की सूचना मिलने पर सहसवान कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। इसके साथ ही, एसडीएम और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शौर्य अरोड़ा ने भी घटनास्थल का दौरा कर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मृतका के शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बदायूं भेज दिया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विभाग के अनुसार, आरोपी संचालक अशोक कुमार और संचालिका नीलम देवी के खिलाफ लगभग सात महीने पहले भी बिना पंजीकरण अस्पताल चलाने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि पूर्व में कार्रवाई होने के बावजूद इन लोगों ने प्रशासन को गुमराह किया और किसी अन्य स्थान पर आवासीय भवन में दोबारा अवैध रूप से अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया।
घटना के तीन दिन बीतने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जहां संस्थान बंद मिला और कोई भी डॉक्टर या अधिकृत स्टाफ मौजूद नहीं था। विभाग का कहना है कि पूर्व में मामला दर्ज होने के बावजूद इस तरह अवैध रूप से चिकित्सा गतिविधियां चलाना सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से खिलवाड़ है।
स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में संचालक और संचालिका पर गैर-इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी और बिना वैध पंजीकरण के अस्पताल चलाकर मानव जीवन को खतरे में डालने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य क्षेत्र में अवैध रूप से क्लीनिक और अस्पताल चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।
Location : Budaun
Published : 8 October 2026, 11:49 AM IST
Topics : Budaun News Medical Negligence Unregistered Hospital Raid UP Police Action Woman Dies in Clinic