
बृजमनगंज थाना (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Maharajganj: बृजमनगंज थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) आलोक कुमार यादव की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक मामले में पीड़ित पिछले कई महीनों से अपने बैंक खातों को अनफ्रीज कराने के लिए थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
मामला गोरखपुर निवासी दिनेश तिवारी से जुड़ा है। उनके खाते में 11 और 12 जून 2025 को दिनेश तिवारी निवासी पृथ्वीपालगढ़ के खाते से गलती से कुल 85 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। इस मामले में दिनेश तिवारी ने बृजमनगंज थाने में तहरीर दी थी।
पुलिस की मौजूदगी में यह रकम दो किश्तों में दिनेश तिवारी के खाते में वापस कर दी गई। इसके बाद दिनेश तिवारी ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।
दिनेश तिवारी ने 26 जनवरी 2026 को थाने को ईमेल के माध्यम से भी सूचित किया कि वह आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहते और खातों को अनफ्रीज किया जाए। इसके बावजूद अब तक रामअचल अग्रहरि, नेहा पांडेय और अजय साहनी- इन तीन लोगों के बैंक खाते फ्रीज पड़े हुए हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि एसआई आलोक कुमार यादव पिछले कई महीनों से 'आज-कल' का आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं।
मामले में समय पर कार्रवाई न होने से पीड़ित काफी परेशान हैं। इस स्थिति ने न केवल पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक परेशानी में डाल दिया है, बल्कि पुलिस के प्रति जनता का विश्वास भी कमजोर होता नजर आ रहा है।
सवाल यह है कि जब गलत ट्रांसफर की रकम पहले ही वापस कर दी जा चुकी है और सामने से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहिए, तब भी खातों को अनफ्रीज कराने में पुलिस महीनों क्यों लेट रही है।
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जब इस मामले में 2:15 बजे दोपहर के समय एसआई आलोक कुमार यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। मामले की धीमी और लापरवाह कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और पीड़ित जल्द से जल्द अपने खातों को फ्रीज से बाहर कराने की मांग कर रहे हैं।
Location : Maharajganj
Published : 1 May 2026, 3:33 PM IST