भारत-अमेरिका कृषि समझौते को रद्द करने की मांग, BKU ने सौंपा पीएम के नाम ज्ञापन

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ो कार्यकर्ता और किसान हाथों में भारत अमेरिका कृषि समझौता और हमारा खेत हमारा अधिकार के पोस्टर लेकर पहुंचे थे।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 February 2026, 6:18 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ो कार्यकर्ता और किसान हाथों में भारत अमेरिका कृषि समझौता और हमारा खेत हमारा अधिकार के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ।

भारत अमेरिका कृषि समझौते को लेकर नाराज किसानों का कहना था कि इस समझौते से भारतीय किसानों को बहुत बड़ा नुकसान होगा इसको तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। किसानो की माने तो अमेरिका से सामान आएगा तो यहां के किसान क्या करेंगे सरकार चाहे लाख कह रही हो इस समझौते से किसानों को फायदा होगा लेकिन किसान इससे नुकसान में ही रहेंगे।

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन राठी ने तो ये ऐलान किया है कि जल्द ही किसान भारत अमेरिका कृषि समझौते की प्रतियां ( कॉपी ) अपने-अपने खेतों में जलाकर उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर अपना विरोध प्रकट करेंगे।

शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन: बाउंड्रीवाल विहीन विद्यालय में बड़ी लापरवाही, तालाब किनारे पढ़ने को मजबूर नौनिहाल

जिला अध्यक्ष नवीन राठी की माने तो धरना क्या आज हमारा प्रदर्शन था। भारत अमेरिका व्यापारी डील हुई। उसके विरोध में हमने आज प्रदर्शन किया। अधिकारी को ज्ञापन देंगे। प्रधानमंत्री के नाम क्योंकि यह किसानों के खिलाफ है। भारतीय किसान को उससे बहुत बड़ा नुकसान है। इसको रद्द किया जा जो भी है। बाहर से सामान आएगा। अमेरिका से सामान आएगा। यहां के किसान का क्या होगा। भाई जैसे दूध ,मक्का, सोयाबीन तो यहां का किसान तो बेकार हो जाएगा।

अब तो यही है कि समझौता तो को रद्द किया जाए। सरकार तो कहेगी, सरकार तो फायदे भी बता देगी। किसानों को अब तक तो बता नहीं पाए पहले नहीं बता पाए। नए-नए फंडे लाए निकाल करके। हां सब जाकर पत्तियां जलाएंगे। और वीडियो जारी करेंगे। यह कहा गया सबको सब बात हो रही। आगे जो भी होगा बता दिया जाएगा। बजट में कुछ नहीं है। किसानों के लिए कुछ नहीं है।

कर्नाटक की सियासत में हलचल तेज: डी.के. शिवकुमार की सोनिया गांधी से मुलाकात ने बढ़ाईं अटकलें, देखें वीडियो

बजट में कोई खास बजट नहीं है। यह सब चुनावी बजट है तो चुनाव आ रहे हैं। 2027 उसका बजट था कुछ नहीं मिल रहा किसानों को ठगने का काम कर रहे हैं। कर रहे होगे उनका उन्हें पता , बाकी ऐसा कुछ नहीं है। कर्ज माफ होता। किसानों का गाने का रेट 500 होता जो फायदे की किसानों की चीज है वह होती।

 

Location : 
  • Muzaffarnagar

Published : 
  • 12 February 2026, 6:18 PM IST