विजिलेंस के रडार पर स्वास्थ्य महकमा, अब इन अफसरों की बढ़ेंगी मुश्किलें

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन घोटाले में मुख्य आरोपी और पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव को अदालत से बड़ा झटका लगा है। नियमित जमानत याचिका खारिज होने के साथ ही बलरामपुर, श्रावस्ती और गोंडा से जुड़े मामलों में अग्रिम जमानत की उम्मीदें भी टूट गई हैं, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 July 2026, 4:44 PM IST

Balrampur: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन घोटाले के मुख्य आरोपी और बहराइच के पयागपुर से पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, क्योंकि अदालत ने न सिर्फ उनकी नियमित जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, बल्कि बलरामपुर, श्रावस्ती और गोंडा जिलों में दर्ज मामलों से जुड़ी अग्रिम जमानत की तमाम उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।

इस बड़े न्यायिक फैसले के बाद अब जांच एजेंसियों का शिकंजा उन कड़ियों पर भी कसने जा रहा है जो जांच में रोड़ा अटका रही थीं। विजिलेंस की रडार पर अब स्वास्थ्य विभाग के वे रसूखदार बाबू और अधिकारी आ चुके हैं, जिन्होंने बार-बार रिमाइंडर मिलने के बाद भी घोटाले से जुड़े अहम सरकारी दस्तावेजों और फाइलों को छिपाकर रखा है, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया बाधित हो रही है।

कोर्ट से नहीं मिली जमानत

​जेल की सलाखों के पीछे बंद पूर्व विधायक को राहत दिलाने के लिए उनके बचाव पक्ष ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। उच्च न्यायालय में करीब 25 वकीलों की भारी-भरकम टीम ने तमाम कानूनी दांव-पेंचों और दलीलों के जरिए उन्हें राहत दिलाने की पुरजोर कोशिश की। हालांकि, अदालत ने मामले की संवेदनशीलता, वित्तीय अनियमितताओं की गंभीरता और अब तक सामने आए पुख्ता सुबूतों को सर्वोपरि मानते हुए आरोपी को किसी भी प्रकार की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।

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कर्मियों ने जानबूझकर दबाए अहम रिकॉर्ड

इस महाघोटाले की आंच अब देवीपाटन मंडल के स्वास्थ्य महकमे में तेजी से फैलने लगी है, जहां फाइलों की हेराफेरी करने वाले कर्मचारियों पर बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है। जांच टीम के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय के कुछ बाबुओं और संयुक्त जिला चिकित्सालय के कर्मियों ने जानबूझकर अहम रिकॉर्ड दबा रखे हैं, जिन्हें अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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बाबुओं पर गिरेगी गाज

विजिलेंस विभाग ने सीएमओ दफ्तर सहित सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात कई संदिग्ध लिपिकों की पूरी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। इसमें सबसे ऊपर बलरामपुर के एक बेहद चर्चित बाबू का नाम आ रहा है, जिसका पहले लखीमपुर और फिर गोंडा ट्रांसफर हुआ था।

विजिलेंस इस बाबू के बलरामपुर और गोंडा सहित कई जिलों में फैले संदिग्ध ब्लड बैंक और पैथोलॉजी सेंटरों के संचालन के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इसके अलावा, सीएमओ कार्यालय में तैनात एक अन्य बाबू और चीफ फार्मासिस्ट भी इस जांच के घेरे में आ चुके हैं, जिनसे विजिलेंस जल्द ही तीखे सवाल-जवाब कर सकती है।

Location :  Balrampur

Published :  8 July 2026, 4:40 PM IST